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Last Updated: Thu, 09 Feb 2012 04:40:05 +0530

Wed, 10 Feb 2010 21:52:00 +0000

कबीरधाम जिले में इस वर्ष 2477 हेक्टेयर जमीन पर खेती



जिला प्रशासन व भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के जबर्दस्त प्रयासों से किसान गन्ने की खेती की ओर फिर से लौट रहे हैं।
36गढ़ डाट इन

कवर्धा 10 फरवरी (36गढ़ डाट इन) -छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले मे गन्ने की खेती के तरफ किसानों का फिर से रूझान बढ़ा है।

जिला प्रशासन व भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के जबर्दस्त प्रयासों से किसान गन्ने की खेती की ओर फिर से लौट रहे हैं।

जिले मे इस साल 2477 हेक्टेयर जमीन मे गन्ने का रोपण किया जा चुका है। विकासखंड कवर्धा मे 798 हेक्टे.,बोड़ला मे 870 हेक्टे. पंडरिया मे 804 हेक्टे. क्षेत्र मे गन्ना बोया जा चुका है।

किसान गन्ने की बोंवाई के लिये सुगर केन कटर प्लांटर मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कृषि विभाग के उपसंचालक ए.के. राठौर ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी कार्यांलय मे गन्ना कटर प्लांटर मशीन उपलब्ध है। किसान यह मशीन 220 रूपये प्रति घंटा के किराये पर ले सकते हैं।

 किसानो को गन्ना प्लांटर मशीन नि:शुल्क ट्रायल-प्रदर्शन के लिये भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कवर्धा विकासखंड के परसाहा ग्राम मे आधुनिक मशीन से गन्ना बो रहे किसान भंवरलाल लूनिया ने बताया कि सुगर केन प्लांटर मशीन से गन्ने बोंवाई अच्छी हो रही है इसके माध्यम से कीटनाशक, खाद भी एक साथ डाला जा सकता है। इस मशीन से अंतरवर्ती फसल मूूंग आदि की बोंवाई की जा सकती है।

गन्ने  की खेती को बढ़ावा देने के लिये किसानों को गन्ना बीज पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। उतक संवर्धन वाले बीज पर भोरमदेव शक्कर कारखाना व कृषि विभाग द्वारा दो-दो रूपये सब्सिडी दी जा रही है। किसान को एक पौधे पर मात्र 2 रूपये दस पैसे खर्च करना पड़ रहा है।

अभी तक किसानों को 30 हजार टिशू कल्चर के पौधे प्रदान किया जा चुका है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा गन्न अनुसंधान केंद्रों से प्रजनक बीज 150 रूपये किवंटल की दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले मे गन्ने की फसल लगाने वाले किसानो को नलकूप खनन की अनुमति भी प्रदान की जा रही है।

जिले मे गन्ने का रकबा साढ़े तीन हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 8 हजार हेक्टेयर करने मौजूदा सत्र 2009-10  के लिये लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग ने किसानों को अरहर व चने की फसल काटने के बाद गन्ना बोने की सलाह दी है।

किसान भविष्य मे बीज की जरूरतों को देखते हुए गन्ना बीज आरक्षित करा सकते हँं। कृषि विभाग द्वारा गन्ना के साथ मूंग की अंतरवर्ती खेती करने का परामर्श भी दिया जा रहा है।

 गन्ना बीज प्राप्त करने के लिये किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। कृषि अमला व भोरमदेव कारखाने के फील्ड अधिकारी गन्ना उत्पादन की संभावना वाले गांवो के किसानों को गन्ने की खेती के लिये प्रेरित कर रहे हैं।

36गढ़ डाट इन








 

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