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Last Updated: Tue, 26 Sep 2017 04:42:51 -0500

Mon, 22 Feb 2010 18:44:00 +0000

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का बजट भाषण



छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा में राज्य सरकार के आगामी एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2010-11 का बजट पेश किया।
36गढ़ डाट इन

रायपुर, 22 फरवरी(36गढ़ डाट इन)  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा में राज्य सरकार के आगामी एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2010-11 का बजट पेश किया।

बजट भाषण इस प्रकार :-

हमारी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को सदन में प्रस्तुत करने में जहां मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं, वहीं प्रदेश की जनता की सेवा के अपनी सरकार के संकल्प को दोहराना भी चाहता हूं ।

विगत वर्षों में हमारी सरकार ने मानव संसाधन तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ  अधोसंरचना विकास के लिये भी पर्याप्त पूंजी निवेश किया है तथा अनेक जनकल्याणकारी योजनायें लागू की  हैं ।

यह हर्ष का विषय है कि हमारे द्वारा लागू की गई योजनाओं के उत्साहजनक नतीजे रहे हैं । अब हमारी रणनीति इन योजनाओं को निर्णायक मुकामतक पहुंचाने की है, ताकि जिस व्यापक परिकल्पना व उद्देश्य से राज्य का गठन हुआ था, उसे साकार किया जा सके ।

इसको ध्यान में रखते हुये मैं वर्ष 2010-11 का बजट प्रस्तुत करने जा रहा हूं पिछले बजट में मैंने ''मिलेनियम डेव्हलपमेंट'' लक्ष्यों को हासिल करने के सरकार के संकल्प को व्यक्त किया था ।

इन लक्ष्यों की पूर्ति के उद्देश्य से इस बजट में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा तथा पेयजल की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक प्रावधान किया है ।

गत वर्ष मैंने वैश्विक आर्थिक मंदी के कठिन दौर का भी उल्लेख किया था । वैश्विक आर्थिक मंदी से हमारा प्रदेश भी प्रभावित रहा, किन्तु इस कठिन दौर से गुजरने के बाद भी हमने विकास के लिये पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराया है ।

यह संतोष का विषय है कि विभिन्न वित्तीय संकेतक यह आभास दे रहे हैं कि वैश्विक आर्थिक मंदी के दुष्प्रभावों से बाहर निकलकर हमारी अर्थव्यवस्था उच्च आर्थिक विकास के पथ की ओर शीघ्र अग्रसर होगी ।


आर्थिक स्थिति

अब मैं राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालना चाहूंगा । वर्ष 2008-09 के लिये स्थिर भावों पर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का आंकलन 53,886 करोड़ रहा, जो कि वर्ष 2007-2008 के 50,451 करोड़ की तुलना में  6.81 प्रतिशत अधिक है ।

वर्ष 2009-10 में अग्रिम अनुमानों के अनुसार स्थिर भावों पर सकल घरेलू उत्पाद 60,079 करोड़ रहने की संभावना है, जो वर्ष 2008-09 के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में 11.49 प्रतिशत की वृध्दि दर्शाता है । वर्ष 2009-10 में प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों में स्थिर भावों पर वृध्दि दर क्रमश: 4.92, 15.09 एवं 13.48 प्रतिशत रहने की संभावना है ।

वर्ष 2008-09 में प्रचलित भावों पर प्रति व्यक्ति आय 34,483 रूपये रही, जो कि वर्ष 2007-08 की प्रति व्यक्ति आय 29,776 रूपये की तुलना में 15.8 प्रतिशत अधिक है । अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2009-10 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 38,534 रूपये रहने की संभावना है, जो कि वर्ष

2008-09 की तुलना में 11.74 प्रतिशत अधिक है ।

शिक्षा


अध्यक्ष महोदय, मानव संसाधन विकास के महत्व को देखते हुये शिक्षा के लिये चालू वित्तीय वर्ष के प्रावधान में 17 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये

3,922.52 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का 15 प्रतिशत है । विगत वर्षों मेेंं सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षा के विकास पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है । अब राज्य में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों की संख्या राष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप हो गयी है।

देश के 14 से 18 आयु वर्ग के लगभग 60 प्रतिशत बच्चे अभी भी शालाओं से बाहर हैं। अत: माध्यमिक शिक्षा के विकास हेतु केन्द्र सरकार द्वारा 'राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान' कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसके लिये राज्यांश के रूप में इस बजट में 120 करोड़ क़ा प्रावधान रखा गया है । इसके अतिरिक्त इस बजट में 81 हाईस्कूलों को हायर सेकण्डरी में उन्नयन करने हेतु 10 करोड का प्रावधान किया गया है ।

60 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 41 मॉडल स्कूल, 41 कन्या छात्रावास तथा 4 जिला ग्रंथालय के भवन निर्माण हेतु 65.83 करोड़ का प्रावधान किया गया

है ।राज्य में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिये भी प्रोत्साहित करने हेतु पेण्ड्री में आवासीय विद्यालय तथा झलमला में खेल परिसर का निर्माण किया जायेगा ।

संपूर्ण साक्षरता हेतु प्रारंभ की जा रही भारत साक्षर योजना हेतु राज्य में जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, महासमुन्द, रायपुर व सरगुजा का चयन किया गया है । इस हेतु राज्यांश के रूप में 4.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

विगत वर्षों में राज्य के सभी प्राथमिक शालाओं को भवन उपलब्ध करा दिये गये हैं, किन्तु अभी भी अनेक शालाओं के भवन जर्जर अवस्था में हैं । इन भवनों के मरम्मत तथा पुनर्निर्माण हेतु 15 करोड़ क़ा प्रावधान किया गया   है ।

5.6    शासकीय शालाओं में फर्नीचर, कार्यालय उपकरण एवं प्रयोगशाला उपकरणों की कमी की पूर्ति हेतु 24 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के विस्तार को इस बजट में उच्च प्राथमिकता दी गई है । आगामी वर्ष में अनुसूचित जाति बाहुल्य राजपुर, दुलदुला, खड़गवां तथा बरपाली में नवीन महाविद्यालय खोला    जायेगा ।

प्रदेश में हो रहे तीव्र औद्योगिक विकास को देखते हुये उद्योगों में राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने हेतु अंबिकापुर में नवीन शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय एवं धरसींवा, भाटापारा, भटगांव, अभनपुर, बागबाहरा, छुईखदान, लोहाण्डीगुड़ा, चारामा, बगीचा एवं रामानुजगंज में नवीन आई.टी.आई. खोला जाना प्रस्तावित है । तकनीकी कौशल के उन्नयन के उद्देश्य से स्किल डेव्लपमेंट मिशन का गठन किया गया है ।

5 आई.टी.आई. की गुणवत्ता में सुधार हेतु आई.एस.ओ. प्रमाणीकरण के लिये आवश्यक प्रावधान किया गया है । आगामी वर्ष में नारायणपुर, बीजापुर, कांकेर, कोरिया तथा जशपुर में पालीटेक्निक भी प्रारंभ हो जावेंगे । कबीरधाम एवं राजनांदगांव पालीटेक्निक भवन हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

इस बजट मे बकावंड, सिलफिली तथा तपकरा महाविद्यालय हेतु नवीन भवन निर्माण, रविशंकर विश्वविद्यालय में महिला छात्रावास भवन तथा बस्तर एवं सरगुजा विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु 5.3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दूधाधारी बजरंग महाविद्यालय, रायपुर एवं डोंगरगांव महाविद्यालय में ऑडीटोरियम तथा 10 महाविद्यालयों में स्टॉफ क्वार्टर निर्माण करने हेतु भी प्रावधान किया गया है ।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकासअध्यक्ष महोदय, प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार हमारे लिये एक बड़ी चुनौती है । इन क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार हेतु 29 माध्यमिक शालाओं का हाईस्कूल में एवं 25 हाईस्कूलों का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया जायेगा ।

इसके अतिरिक्त 23 पोस्ट मैट्रिक कन्या एवं 35 पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास खोले जायेंगे । मुझे यह बताते हुये हर्ष है कि अब राज्य में सभी 85 अनुसूचित जनजाति विकास खण्ड मुख्यालय में अनुसूचित जाति कन्या एवं बालक छात्रावास की स्थापना हो जायेगी ।

इस वर्ष राज्य में 113 नवीन छात्रावासों तथा 23 आश्रम भवनों का निर्माण किया जावेगा, जिसके लिये 84.86 करोड़ का प्रावधान किया गया है । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के शासकीय शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत अमले के आवास की व्यापक समस्या को देखते हुये छात्रावासों में अधीक्षक एवं चौकीदार आवास गृह के निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया है ।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों को केन्द्रीय सिविल सेवा के परीक्षा में चयन हेतु प्रोत्साहन के लिये नई योजना प्रारंभ की जायेगी ।अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के उच्च तकनीकी संस्थाओं में प्रवेश के लिये 'युवा कैरियर निर्माण योजना' प्रारंभ की जायेगी ।

स्वास्थ्य

अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार विगत वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न राष्ट्रीय मानका को प्राप्त करने हेतु सतत्् प्रयत्नशील है । इस हेतु स्वास्थ्य

सेवा में विस्तार करते हुये राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सुदूर अंचलों के घर-घर तक पहुंचाने हेतु अनेक उपाय किये गये हैं, जिनके उत्साहजनक परिणाम भी प्राप्त हुये हैं । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में चिकित्सकीय कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये छत्तीसगढ़ मेडिकल कोर योजना प्रदेश में लागू की गई है ।

आम जनता के चिकित्सा सुविधा के संरचना में विस्तार के लिये इस वर्ष नये 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 300 उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोलने हेतु 12 करोड़ तथा 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 100 उप-स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ के अभाव को देखते हुये बिलासपुर, जांजगीर एवं दुर्ग में नवीन ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र तथा राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा एवं अंबिकापुर में शासकीय नर्सिंग स्कूल स्थापित किये जायेंगे ।राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने हेतु बजट में राज्यांश के रूप में 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लगभग 24 लाख परिवारों को योजना में पंजीबध्द देश के किसी भी अस्पताल में प्रति-वर्ष 30 हजार तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी ।

चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में सीटों की वृध्दि कर 100 से 150 करने हेतु भारतीय चिकित्सा परिषद् द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त भवन निर्माण करने के लिये 2 करोड़ तथा चिकित्सा महाविद्यालय, बिलासपुर में स्नातकोत्तर पाठयक्रम खोलने के लिये भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ का प्रावधान है।

राज्य के रोगियों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से 'ऑन काल' एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया  है । साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयों एवं विभिन्न अस्पतालों में दवा एवं उपकरण खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुगम बनाने हेतु 'चिकित्सा सेवा निगम' का गठन किया जायेगा ।

राज्य सरकार एलोपैथी के साथ-साथ देशी चिकित्सा पध्दतियों के विकास हेतु भी सतत् प्रयत्नशील है । नव-गठित जिला नारायणपुर एवं बीजापुर में नवीन जिला आयुर्वेद कार्यालय की स्थापना की जावेगी । रायपुर आयुर्वेद महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठयक्रम प्रारंभ करने हेतु आवश्यक पदों का सृजन, भवन तथा ऑडिटोरियम निर्माण हेतु 2.5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
 
आयुष विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु भी प्रावधान किया गया है ।महिला एवं बाल विकासअध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार महिलाओं एवं बच्चों के समन्वित विकास के लिये दृढ़संकल्पित है । महिलाओं एवं बच्चों के लिये कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में चालू वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत की वृध्दि करते हुये 826 करोड का प्रावधान किया गया  है ।

कुपोषण के स्तर को कम करने हेतु राज्य सरकार सतत् प्रयत्नशील है । देश में छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जहां प्रदेश के शत्-प्रतिशत ऑंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए रेडी-टू-ईट फूड का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हो रहा है । इस हेतु बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है । इस बजट में 666 ऑंगनबाड़ी के भवन निर्माण हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

प्रदेश में संचालित ऑंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श ऑंगनबाड़ी बनाने हेतु पायलेट आधार पर योजना प्रारंभ की जावेगी । इस हेतु कोण्डागांव एवं माकड़ी विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले ऑंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श ऑंगनबाड़ी के रूप में विकसित किया जायेगा । इन ऑंगनबाड़ी केन्द्रों में अब पोषण आहार के अतिरिक्त 3 से 6 वर्ष के बच्चों को 'खेलो एवं सीखो' आधार पर शाला पूर्व भी प्रदान की जाएगी ।

किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये 'सबला योजना' प्रारंभ की जा रही है, जिसके अंतर्गत 11 से 18 वर्ष की शाला त्यागी बालिकाओं को पूरक पोषण आहार प्रदाय के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं पोषण, जीवन कौशल, बच्चों के देखभाल एवं गृह प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जायेगा । इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक बाल विकास परियोजना में किशोरी स्त्रोत केन्द्र की स्थापना की   जायेगी ।

विपत्तिग्रस्त एवं अनाथ बच्चों तथा विधि विरूध्द कार्य करने वाले बच्चों के लिये एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है । यह एक अभिनव योजना होगी, जिसका क्रियान्वयन शासन एवं समाज की सहभागिता से होगा । इस योजना हेतु 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।


समाज कल्याण

अध्यक्ष महोदय, समाज के समन्वित विकास में नि:शक्तजनों का सर्वांगीण विकास भी हमारी प्रतिबध्दता है । नि:शक्तजनों को आत्मनिर्भर बनाने एवं सामान्य शिक्षा देने के लिये इस वर्ष राजनांदगांव, महासमुन्द एवं कोरिया में बौध्दिक मंदता वाले बच्चों तथा कांकेर में दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों हेतु विशेष विद्यालय स्थापित किये जायेंगे । इस हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

नारायणपुर एवं बीजापुर जिलों में जिला पुनर्वास केन्द्र स्थापित किये जायेंगे तथा वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निदान हेतु हेल्प लाईन भी खोले जायेंगे ।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी

अध्यक्ष महोदय, हमने पेयजल को उच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया है और इसमें सफल भी रहे हैं । ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ हम पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं ।

ग्रामीण अंचलों के प्रत्येक परिवार तथा सार्वजनिक स्थलों जैसे स्कूल, सार्वजनिक भवनों, धार्मिक स्थलों, बाजार एवं मेला स्थलों की आवश्यकता की पूर्ति हेतु पेयजल सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी । इसके लिये 10 हजार हैण्ड पंप लगाये जायेंगे ।

अभी तक शालाओं में हैण्ड पंप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूलों में लगातार जल आपूर्ति के लिये विद्यमान हैण्ड पंपों में प्रेशर पंप लगाकर पेयजल एवं शौचालय हेतु पानी उपलब्ध कराया जायेगा, जिसे आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य है । इसके लिये बजट में 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

राज्य के नव-गठित 59 नगर पंचायतों में भी पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है । इसे चरणबध्द तरीके से किया जावेगा । इस बजट में 13 नगर पंचायतों में जल आपूर्ति योजना हेतु 5 करोड़ तथा 10 ग्रामीण जल प्रदाय योजनाओं हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

खेल एवं युवा कल्याण

अध्यक्ष महोदय, मुझे यह बताते हुये हर्ष हो रहा है कि राज्य को 37वें राष्ट्रीय खेल के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो कि राज्य के लिये गौरव का विषय है । इस आयोजन की प्रारंभिक तैयारी हेतु बजट में 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया  है । राजनांदगांव हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ लगाने हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है । पत्थलगांव में स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है ।


नगरीय प्रशासन एवं विकास

अध्यक्ष महोदय, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास की आवश्यकता स्वयं प्रतिपादित है । नव-गठित नगर पंचायतों में मूलभूत अधोसंरचना शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराये की आवश्यकता है । इसको ध्यान में रखते हुये 59 नवीन नगर पंचायतों के लिये 14.75 करोड़ एकमुश्त, एक बार अधोसंरचना अनुदान का प्रावधान रखा गया है।

वर्तमान में नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिये प्रदाय की जा रही 30 प्रतिशत अनुदान तथा 70 प्रतिशत ऋण के स्वरूप से निकायों को आ रही कठिनाई को देखते हुये इसमें परिवर्तन करते हुये अब यह 50 प्रतिशत ऋण तथा 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में दी जायेगी । प्रदेश के बडे नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना में सुधार हेतु नगर निगमों के लिये 33 करोड़ एकमुश्त, एक बार अधोसंरचना अनुदान का भी प्रावधान किया गया है ।

नगरीय निकायों में आपदा प्रबंधन हेतु अग्निशमन केन्द्र की स्थापना के लिये 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है । प्रथम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप नगरीय निकायों को 10 करोड़ सामान्य उद्देशीय अनुदान तथा राज्य शासन को प्राप्त शुध्द मनोरंजन कर का दो तिहाई के अंतरण हेतु 9 करोड़ क़ा प्रावधान किया गया है ।


आवास एवं पर्यावरण

अध्यक्ष महोदय, नक्सल हिंसा में शहीदों के परिवारों को रियायती दर पर आवास उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है । नया रायपुर परियोजना के अंतर्गत प्रथम चरण में केपीटल काम्प्लेक्स में सचिवालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों का निर्माण प्रगति पर है । अगले चरण में विभागाध्यक्ष कार्यालयों के भवन निर्माण के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है । रायपुर एवं नये रायपुर के मध्य बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम स्थापित करने के विश्व बैंक की सहायता से नई परियोजना प्रारंभ की जा रही है ।


पंचायत एवं ग्रामीण विकास

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत राज्य में लगभग 35 लाख परिवारों का पंजीयन किया जा चुका है । चालू वित्तीय वर्ष में मांग के आधार पर लगभग 16 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे लगभग 690 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित हुए है । पारदर्शिता की दृष्टि से हमारा पूरा प्रयास है कि मजदूरी का भुगतान बैंक या डाक घरों के बचत खातों के माध्यम से किया जाये । अब तक लगभग 55 लाख श्रमिकों के खाते खोले जा चुके हैं ।

प्रथम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसानुसार राज्य के शुध्द राजस्व का 4.79 प्रतिशत पंचायतों को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा संग्रहित शुध्द मनोरंजन कर का एक तिहाई पंचायतों को उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके लिये आवश्यक प्रावधान किया गया है । नारायणपुर जिले में ग्रामीण निर्माण कार्यों को गति देने हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा का एक नया संभाग खोला जाएगा ।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है । इन सड़कों के संधारण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

खाद्य सुरक्षा

राज्य में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिये खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना प्रारंभ से ही हमारी सरकार की उच्चतम प्राथमिकता रही है । इसे ध्यान में रखते हुये विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक क्रांतिकारी कदम उठाये गये हैं । इस बजट में भी मुख्यमंत्री खाद्यान्न सुरक्षा योजना हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है ।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित की जाने वाली सामग्रियां पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करने के लिये अब राशन कार्ड को फोटोयुक्त करने की योजना है । इस हेतु 1.5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कृषि

अध्यक्ष महोदय, प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यत: कृषि पर आधारित है । राज्य में लगभग 32.55 लाख कृषक परिवार है, जिसमें से 76 प्रतिशत लघु एवं सीमांत श्रेणी के कृषक हैं । इन कृषकों के विकास के लिए राज्य शासन द्वारा कई योजनायें चलायी जा रही हैं ।

स्प्रिकलर तथा ड्रिप सिंचाई योजना हेतु केन्द्र सरकार से 40 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होता है तथा राज्य सरकार द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है । मुझे यह बताते हुये हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष राज्य शासन द्वारा यह अनुदान 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया जा रहा है ।कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाने हेतु शासन द्वारा विगत

वर्षों में कई प्रयास किये गये हैं । उन्नत बीजों के उत्पादन तथा वितरण हेतु कृषकों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषक समग्र विकास योजना संचालित है । इसके लिये 15 करोड़ का प्रावधान है ।प्रदेश के किसान भाइयों के कृषि पंपों के ऊर्जीकरण हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।

राज्य में मत्स्य उत्पादकता की दर राष्ट्रीय उत्पादकता दर से अधिक है । मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मछुआरों को बेहतर गुणवत्ता की फुटकर मछली विक्रय हेतु आर्थिक सहायता हेतु नई योजना के लिए 21 लाख का प्रावधान किया गया है ।

प्रदेश के ग्रामीण भाइयों के आर्थिक विकास में कृषि के अलावा पशुधन की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है । पशुपालन के क्षेत्र में 23 पशु औषधालय तथा 2 पशु चिकित्सालय की स्थापना हेतु 1 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है ।

मैं सदन को यह भी अवगत कराना चाहूंगा कि इस बजट में हमने पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय तथा छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ की स्थापना हेतु भी प्रावधान रखा   है । सरकार के ये कदम प्रदेश में पशुपालन की दिशा में मील का पत्थर साबित   होंगे ।

उद्योग एवं ग्रामोद्योग

अध्यक्ष महोदय, 01 नवंबर, 2009 से राज्य के औद्योगिक विकास हेतु नवीन नीति 2009-14 लागू की गई है । इस नीति में प्रथम बार औद्योगिक विकास की परिकल्पना विकास खण्ड को आधार मानकर की गई है, जिससे प्रदेश का संतुलित औद्योगिक विकास हो सके । इस नीति के अंतर्गत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन हेतु विभिन्न अनुदानों हेतु समुचित प्रावधान किये गये  हैं ।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्र में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 15 लाख तक मार्जिन मनी अनुदान देने की नई योजना प्रारंभ की गई है । इस हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है । इसी प्रकार इस वर्ग के उद्यमियों द्वारा स्थापित 5 करोड़ तक की लागत वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान बैंकों द्वारा ली जाने वाली गारंटी के विरूध्द उपलब्ध कराया जावेगा ।

अध्यक्ष महोदय, मुझे यह बताते हुये हर्ष हो रहा है कि राज्य में नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी की स्थापना शीघ्र की जायेगी । जगदलपुर में अपरेल टे्रनिंग एवं डिजाईन सेंटर की स्थापना हेतु 1.6 करोड़ क़ा प्रावधान किया गया है, जो स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक  होगा । रायपुर में छत्तीसगढ़ व्यापार केन्द्र की स्थापना की जायेगी, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी ।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हथकरघा उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान  है । प्रदेश में हथकरघा उद्योग से लगभग 52 हजार बुनकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं । प्रदेश के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों की गुणवत्ता एवं निर्यात योग्य वस्त्र उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने हेतु छुईखदान एवं चांपा में सामान्य सुविधा केन्द्र स्थापित किये जायेंगे । कुम्भकार टेराकोटा शिल्प योजना हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

वन

राज्य के वनांचलों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वनवासियों की आजीविका का प्रमुख आधार वन ही है । वनों से लगभग 1250 करोड़ का वनोपज प्राप्त होता है, जिससे लगभग 650 लाख मानव दिवस प्रति-वर्ष रोजगार सृजन होता है । वना का संरक्षण एवं विकास हमारा महत्वपूर्ण दायित्व है । इस तथ्य को ध्यान में रखते हुये बिगड़े वनों के सुधार तथा बांस वनों की पुनरूध्दार जैसी योजनाएं संचालित हैं । इन योजनाओ हेतु 95 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

ऊर्जा

राज्य में लगभग 12 लाख परिवारों को नि:शुल्क एकल बत्ती विद्युत कनेक्शन प्रदाय किया जा रहा है । इसके अतिरिक्त राज्य के सभी किसानों को 5 हॉर्स पॉवर तक के कृषि पंपों के लिये वार्षिक आधार पर 6000 यूनिट तक नि:शुल्क विद्युत उपलब्ध कराया जा रहा है । इस हेतु 202 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।बायो गैस तथा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु भी आवश्यक बजट प्रावधान किये गये हैं ।

जल संसाधन

अध्यक्ष महोदय, हमारे कृषि प्रधान राज्य में किसान भाइयों की खुशहाली हेतु हमने सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन को उच्च प्राथमिकता दी है ।

इस बजट में 65 लघु सिंचाई योजनाओं के लिये 43 करोड़ का प्रावधान किया गया है । बहुमूल्य वन क्षेत्रों एवं कृषि भूमि को डूब से बचाने तथा सिंचाई हेतु हमने  एनीकट एवं स्टापडेम निर्माण की कार्य योजना बनायी है जिसके अंतर्गत अभी तक 104 एनीकट पूर्ण हो चुके हैं तथा 110 एनीकट निर्माणाधीन है । इस बजट में 79 एनीकट एवं स्टापडेम निर्माण हेतु 43 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

राज्य की सिंचाई क्षमता में वृध्दि के लिये नई सिंचाई योजनाओं के साथ-साथ पुरानी योजनाओं के मरम्मत, पुनर्निर्माण एवं पुनरोध्दार का कार्य भी बहुत महत्वपूर्ण है । इससे भी अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृध्दि होगी तथा कम समय में अच्छा परिणाम प्राप्त होगा । इस तथ्य को ध्यान में रखते हुये 188 पुराने लघु सिंचाई योजनाओं के अनुरक्षण हेतु 34 करोड़ क़ा प्रावधान किया गया  है ।


सड़क एवं पुल

अध्यक्ष महोदय, किसी भी राज्य के विकास में परिवहन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है । राज्य में रेल घनत्व राष्ट्रीय औसत से काफी कम होने के कारण सड़क परिवहन को हमने प्रारंभ से ही उच्च प्राथमिकता दी है । इस वित्तीय वर्ष में 146 सड़क तथा 44 पुल का निर्माण पूर्ण किया गया हैं तथा 362 सड़क तथा 222 पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है ।इस बजट में 3 रेल्वे ओव्हर ब्रिज तथा 102 नवीन पुल निर्माण हेतु 62 करोड़, 20 नवीन राज्य मार्ग हेतु 45 करोड़ तथा 33 मुख्य जिला सड़कों हेतु 62 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

पुलिस

अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में नक्सल समस्या से निपटने तथा कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिये पुलिस बल में वृध्दि तथा उनकी भौतिक संसाधनों की आवश्यकता को पूरा करने के लिये हमने लगातार प्रयास किया है । पुलिस प्रशासन की आवश्यकता को देखते हुये अगले वर्ष गरियाबंद को नवीन पुलिस जिला बनाया जाएगा । गत वर्षों में प्रदेश के थानों एवं चौकियों में पर्याप्त बल वृध्दि की गई   है ।

इस बजट में नक्सल प्रभावित जिलों के साथ-साथ अन्य जिलों में स्थित थाना एवं चौकियों में भी बल वृध्दि हेतु प्रावधान किया गया है । इस हेतु रायपुर जिले के 16 थाने एवं 7 चौकियों के लिये 853 तथा नक्सल क्षेत्र में 3 नवीन थाना खोलने एवं 6 चौकियों को थाने में उन्नयन करने हेतु 385 अतिरिक्त पद निर्माण का प्रस्ताव है । नक्सल क्षेत्रों में बैरक निर्माण तथा आवश्यक आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 15.5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

इसके अतिरिक्त नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील थानों, चौकियों में कंसर्टिना क्वायल फेंसिंग करने हेतु  5 करोड का प्रावधान किया गया है । पुलिस अधोसंरचना विकास हेतु 25 थाना तथा 15 चौकी के भवन निर्माण के लिये 8 करोड़ तथा 3 बटालियनों के भवन निर्माण हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है । जगदलपुर में पुलिस कर्मियों के लिये 600 आवास निर्माण हेतु 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

जेल

जेल प्रशासन के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 जिला जेल तथा 2 उप-जेल में विडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम लागू करने के लिये 79 लाख का प्रावधान किया गया है । जेलों में 28 अतिरिक्त बैरक निर्माण करने के लिये 5.6 करोड का प्रावधान किया गया   है । इसके अतिरिक्त जेलों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु 15 जिलों में वॉच टॉवर निर्माण हेतु भी इस बजट में राशि उपलब्ध करवायी गयी   है ।

परिवहन

अध्यक्ष महोदय, परिवहन विभाग की कार्यकुशलता में वृध्दि तथा जन सामान्य की सुविधा हेतु सभी जिलों के परिवहन कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है ।

शीघ्र ही पंजीयन पुस्तिका एवं चालक लाईसेंस स्मार्ट कार्ड के माध्यम से जारी किये जायेंगे, जिससे डुप्लीकेशन एवं फर्जी प्रकरणों के अलावा राजस्व में वृध्दि भी होगी ।परिवहन कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को देखते हुये इस वर्ष 5 जिलों के परिवहन कार्यालय भवन तथा 3 चेक पोस्ट भवन के लिये  2 करोड़ तथा जिला कार्यालयों हेतु 100 अतिरिक्त पद निर्माण का प्रस्ताव शामिल है ।

विमानन


वायु सेवाआ से संबंधित अधोसंरचना विकास के लिये दंतेवाड़ा एवं बलरामपुर में 2 नवीन हवाई पट्टी तथा प्रदेश के विभिन्न विकास खण्ड मुख्यालयों में पक्के हेलीपेड निर्माण हेतु 6 करोड का प्रावधान किया गया है ।

राजस्व

राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत राजनांदगांव, रायगढ़ एवं कोरबा जिलों के भू-अभिलेखों का सुदृढ़ीकरण एवं सर्वे का कार्य किया जाना है । इस हेतु 31.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु निजी भूमि के अधिग्रहण के लिये 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।रायपुर एवं बिलासपुर के संभागीय आयुक्त कार्यालय तथा सरगांव उप तहसील के भवन निर्माण हेतु 75 लाख का प्रावधान है ।


वर्ष 2009-10 का पुनरीक्षित अनुमानअध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान के आंकड़े सदन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा :-

वर्ष 2009-10 में शुध्द व्यय 22,211.10 करोड अनुमानित था, जो कि पुनरीक्षित अनुमान में बढ़कर 22,674.38 करोड संभावित है। यह वृध्दि मुख्यत: राज्य के कृषकों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर दिये जाने वाले बोनस तथा राज्य शासन के कर्मचारियों को वेतन तथा पेंशन पुनरीक्षण हेतु अतिरिक्त प्रावधान के कारण है । राजस्व प्राप्ति का बजट अनुमान 18,897.22 करोड की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 18,575.61 करोड है ।

राजस्व प्राप्ति में कमी के प्रमुख कारण वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण राज्य में कर राजस्व के कमी तथा केन्द्र के राजस्व में कमी के कारण केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्सा की कम प्राप्ति के कारण है ।वर्ष 2009-10 के बजट में अनुमानित राजस्व आधिक्य 806.16 करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान में 158.27 करोड़ के राजस्व घाटे का अनुमान है ।

इसका मुख्य कारण आर्थिक मंदी के चलते  राज्य के स्वयं के कर राजस्व में अपेक्षित वृध्दि नहीं होना तथा केन्द्रीय कर राजस्व में संभावित कमी एवं आयोजनेत्तर राजस्व व्यय में वृध्दि होना है । बजट में सकल वित्तीय घाटा का अनुमान 2,564.48 करोड़ था, जो पुनरीक्षित अनुमान में बढ़कर 3,108.69 करोड़ अनुमानित है ।

पुनरीक्षित अनुमान में सकल वित्तीय घाटा, सकल घरेलु उत्पाद का 3.11 प्रतिशत है, जो कि राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंध अधिनियम के निर्धारित लक्ष्य में भारत सरकार द्वारा किये गये शिथिलीकरण की सीमा के भीतर है ।

वर्ष 2010-11 का बजट अनुमान

वर्ष 2010-11 के लिये अनुमानित शुध्द व्यय 24,685.43 करोड है, जिसमें आयोजना व्यय 13,599.58 करोड तथा आयोजनेत्तर व्यय 11,085.85 करोड  है । वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में शुध्द व्यय   2011 करोड़ अर्थात् 8.87 प्रतिशत अधिक है।

पूंजीगत व्यय राज्य के विकास का सूचक है । पूंजीगत व्यय वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान 2,982.78 करोड की तुलना में इस बजट में  4,067.70 करोड अनुमानित की गयी है, जो कि लगभग 36.37 प्रतिशत अधिक है । पूंजीगत व्यय सकल घरेलु उत्पाद का 3.84 प्रतिशत तथा कुल व्यय का 16.5 प्रतिशत अनुमानित है।

हमारा प्रयास रहा है कि राज्य गठन के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य में विकास की गति तीव्र हो, इस हेतु बजट में गत वर्षों में आयोजना व्यय में काफी वृध्दि की गई है । इस बजट में आयोजना व्यय हेतु 13,599.58 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में 12.48 प्रतिशत अधिक है । आयोजना व्यय कुल व्यय का 55 प्रतिशत है ।

आयोजनेत्तर राजस्व व्यय वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान  10,570.45 करोड़ की तुलना में वर्ष 2010-11 में 11,071.09 करोड अनुमानित । इसमें वेतन भत्ते हेतु 4,899.26 करोड़, पेंशन हेतु 1,233.85 करोड़, ब्याज भुगतान हेतु 1,208.04 करोड, विभिन्न योजनाओं हेतु आर्थिक सहायता के रूप में   373.22 करोड तथा विभिन्न संस्थाओं को अनुदान हेतु 1,527.66 करोड शामिल है ।

आयोजनेत्तर राजस्व व्यय में वृध्दि मुख्यत: राज्य सरकार द्वारा छठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू किये जाने के निर्णय के फलस्वरूप वेतन भत्ते तथा पेंशन मद में अनुमानित अतिरिक्त राशि के प्रावधान के कारण है ।

राज्य आयोजना में वर्ष 2009-10 के पुनरीक्षित अनुमान 10,946.13 करोड़ की तुलना में 12.16 प्रतिशत की वृध्दि की जाकर 12,277.83 करोड़ अनुमानित की गई है, जिसमें केन्द्रीय सहायता 2,060.55 करोड़ तथा शेष 9,668.10 करोड़ राज्य संसाधन से उपलब्ध करवाया जाएगा । यह उल्लेखनीय है कि राज्य आयोजना का 79 प्रतिशत स्वयं के संसाधन से पोषित है ।
 
राज्य आयोजना में सामान्य क्षेत्र के लिये 54 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लिये 33 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति क्षेत्र के लिये 13 प्रतिशत प्रावधान किया गया है । बजट में सामाजिक क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर किया गया है ।

वर्ष 2010-11 हेतु सामाजिक क्षेत्र में कुल व्यय का 46 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है, जिसमें मुख्यत: खाद्यान्न सुरक्षा हेतु 8.5 प्रतिशत, शिक्षा हेतु 15 प्रतिशत, स्वास्थ्य हेतु 4 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास हेतु 8.6 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास हेतु 3.2 प्रतिशत का प्रावधान किया गया  है ।

आर्थिक क्षेत्र के लिये वर्ष 2010-11 में बजट प्रावधान कुल व्यय का 32 प्रतिशत है । इसमें मुख्य रूप से कृषि तथा कृषि से संबंधित क्षेत्र हेतु 4.3 प्रतिशत, लोक निर्माण के कार्यों हेतु 7 प्रतिशत, सिंचाई हेतु 7 प्रतिशत तथा ग्रामीण विकास हेतु 4.4 प्रतिशत शामिल है ।वर्ष 2010-11 हेतु कुल राजस्व प्राप्तियां 20,526.35 करोड़ अनुमानित है, जो कि पुनरीक्षित अनुमान 2009-10 की तुलना में 10.50 प्रतिशत अधिक है ।


राजकोषीय स्थिति


अध्यक्ष महोदय, राज्य के स्वयं के राजस्व में गत वर्षों में निरंतर वृध्दि हुई है । माननीय सदस्यगणों को यह जानकर प्रसन्नता होगी कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद इस बजट में भी 859.78 करोड़ का राजस्व आधिक्य अनुमानित किया गया है ।

राज्य का सकल वित्तीय घाटा 3,180.03 करोड़ अनुमानित किया गया है, जो कि सकल घरेलु उत्पाद का 3 प्रतिशत है। अध्यक्ष महोदय, मुझे सदन को यह बताते हुये हर्ष हो रहा है कि विकासोन्मुखी व्यय में लगातार वृध्दि के बावजूद गत वर्षों में सकल वित्तीय घाटा, ''राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंध अधिनियम'' में निर्धारित सीमा के भीतर रहा है तथा इस बजट में भी इसे निर्धारित सीमा के अनुरूप रखने में हम सफल रहे हैं।

वर्ष 2010-11 हेतु कुल प्राप्तियाँ 24,136.25 करोड तथा कुल शुध्द व्यय 24,685.43 करोड़ अनुमानित किया गया है । इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 549.18 करोड़ का शुध्द घाटा अनुमानित है । वर्ष 2009-10 के संभावित घाटा 482.37 करोड़ को शामिल करते हुये वर्ष 2010-11 का कुल बजटीय घाटा 1,031.55 करोड़ अनुमानित है । इस घाटे की पूर्ति वित्तीय अनुशासन तथा अतिरिक्त आय के संसाधन जुटाकर की जावेगी।

भाग-2

अध्यक्ष महोदय, कर राजस्व में वृध्दि के लिये हमारी सरकार की रणनीति कर की दरों में युक्तियुक्तकरण करना, कर प्रक्रिया को सरल तथा पारदर्शी बनाना एवं कर प्रशासन को चुस्त बनाना रही है। हमारे इन प्रयासों से न केवल प्रदेश राजस्व में निरन्तर वृध्दि हुई है, बल्कि प्रदेश में उद्योग एवं व्यापार को भी बढ़ावा मिला है।

यद्यपि पिछले वर्ष वैश्विक आर्थिक मंदी का असर हमारे राज्य में भी पड़ा, जिसके कारण कर राजस्व में अपेक्षा के अनुरूप वृध्दि नहीं रही है, किन्तु हर्ष का विषय है कि आर्थ्ािक संकेतकों से यह आभास हो रहा है कि राज्य शीघ्र आर्थिक मंदी से उबरकर पुन: उच्च विकास की राह की ओर अग्रसर होगा।

अध्यक्ष महोदय, मैं प्रदेश की आम जनता, व्यापार एवं उद्योग जगत के हित में निम्नानुसार करों में छूट, दरों का युक्तियुक्तकरण तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण प्रस्तावित करता हूँ:- संवर्धित कर (वैट) एवं प्रवेश करसुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की जनता, जिन्हें खाना पकाने हेतु ईंधन की कठिनाई आती है, उन्हें राहत पहुंचाने के उद्देश्य से केरोसिन विग (बत्ती) एवं केरोसिन स्टोव को वैट से मुक्त किया जाना प्रस्तावित है।

समस्त प्रकार के अनाज एवं दालें कर मुक्त हैं, किन्तु तले एवं भुने चने पर कर की दर 5 प्रतिशत है। अतएव निम्न आय वर्ग एवं आम जनता, जिनके द्वारा इनका उपयोग किया जाता है, उन्हें राहत देने के उद्देश्य से तले एवं भुने चने को वैट से मुक्त किया जाना प्रस्तावित है।छत्तीसगढ़ पाठय पुस्तक निगम को विक्रय तथा सप्लाई किए जा रहे भारतीय महापुरूषों के मुद्रित फोटोग्राफ्स को वैट से छूट दिया जाना है।

पके अन्न ;ब्ववामक थ्ववकध्द पर वर्तमान कर की दर 14 प्रतिशत है, जबकि मिठाई एवं नमकीन पर कर की दर 5 प्रतिशत है। अतएव युक्तियुक्तकरण तथा आम जनता पर कर भार कम किए जाने के उद्देश्य से पके अन्न पर वैट की दर घटाकर 5 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है।

पूर्व में राज्य शासन द्वारा अगरबत्ती, धूप एवं नारियल, जिनका आम जनता द्वारा पूजा सामग्री के रूप में प्रयोग किया जाता है, करमुक्त किया गया है किन्तु कपूर पर वर्तमान कर की दर 14 प्रतिशत है, अतएव इसे भी अन्य पूजा सामग्री की भांति वैट से मुक्त किया जाना प्रस्तावित है।

राज्य के फ्लाई एश ब्रिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैट अधिनियम में इसे करमुक्त किया गया है। इसी प्रकार आयातित फ्लाई एश ब्रिक्स को छोड़कर शेष फ्लाई एश ब्रिक्स पर लागू प्रवेश कर को समाप्त किया जाना प्रस्तावित है। राज्य के भीतर स्थापित लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्वारा निर्मित माल पर प्रवेश कर से छूट दी जाना प्रस्तावित है। 

स्टॉक ट्रांसफर द्वारा राज्य के बाहर भेजे गए क्लींकर के निर्माण में उपयोग किए गए चूना पत्थर पर वर्तमान प्रवेश कर की दर 10 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। धूम्रपान को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से तंबाकू तथा गुटखा की तरह सिगरेट पर भी 7.5 प्रतिशत प्रवेश कर लगाया जाना प्रस्तावित है।

व्यवसायियों को म.त्मजनतद की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य म.त्मजनतद की प्रक्रिया का और सरलीकरण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक व्यवसायी इस सुविधा का लाभ ले सकें वाणिज्यिक कर विभाग में कर वापसी की प्रक्रिया का सरलीकरण कर चेक के माध्यम से भुगतान के लिए यथा आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। वाणिज्यिक कर विभाग में पुरानी बकाया एवं विवादित राशि के निराकरण हेतु कर-समाधान योजना लागू की जाएगी।


आबकारी

अध्यक्ष महोदय, जैसा कि आप जानते हैं, केबल नेटवर्क प्रसारण से सिनेमाघरों की हालत अत्यन्त खराब हो गई है तथा इस उद्योग में निवेश के लिये उत्साह नहीं है।

यह भी सर्वविदित है कि सिनेमा आम जनता के मनोरंजन का महत्वपूर्ण स्त्रोत है, अत: सिनेमा उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा आम जनता के मनोरंजन के हित में 50 रूपए प्रति व्यक्ति की प्रवेश दर तक सिनेमा टिकट को मनोरंजन कर से मुक्त किया जाएगा।


पंजीयन

राज्य की कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5 एकड़ तक कृषि भूमि के लघु कृषकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के चकबन्दी के उद्देश्य से किए गए विनिमय विलेखों पर पंजीयन शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी।हमारी सरकार ने जो प्राथमिकताएं तय की हैं, उन पर त्वरित अमल करने हेतु हम कृत संकल्पित हैं।

यद्यपि संसाधनों की अपनी सीमा है, लेकिन राज्य सरकार वर्ष के दौरान अतिरिक्त आय के स्त्रोतों को विकसित कर, करों की वसूली में अधिक चुस्ती लाकर इस कमी की पूर्ति करेगी। राज्य शासन द्वारा शासकीय व्यय में मितव्ययता के लिये विस्तृत निर्देश पूर्व में ही जारी किये जा चुके हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति, वित्तीय अनुशासन तथा व्यवहारिक रणनीति के द्वारा सरकार के संकल्पों का क्रियान्वयन किया जाएगा।

अध्यक्ष महोदय, प्रजातंत्र में कुछ मुद्दों पर हमारे एवं विपक्ष के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जहाँ प्रदेश के विकास का प्रश्न निहित है, वहाँ विपक्ष से मेरा आग्रह है कि वे सार्थक सहयोग देकर राज्य की प्रगति में हमारे सहयोगी बनें।

 इसके साथ ही मैं वर्ष 2010-11 का वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुदान की माँगें सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।

36गढ़ डाट इन








 

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