वरिष्ठ किन्नर और कनिष्ठ किन्नर का विवाद इतना गहराया कि स्थानीय आरक्षी अधीक्षक अमित कुमार को इसमें सीधा हस्तक्षेप करना पड़ा। वरिष्ठ किन्नर कनिष्ठ किन्नरों का भीषण दोहन करते हैं। उनके बीच वर्चस्व और सीमा विवाद का मामला कलह का कारण बन गया है।
रायपुर, 13, दिसम्बर (36गढ डाट इन)-किन्नर भले आम इंसान से अलग दिखते हों लेकिन उनमें भी वे सारी बुराइयां व्याप्त हैं जो आम इंसानों में होती हैं। उनमें भी अहम का टकराव होता है। लोभ-लालच भी वैसा ही होता है। इसी का परिणाम है कि राजधानी रायपुर में किन्नरों के बीच जमकर भिड़ंत हुई।
वरिष्ठ किन्नर और कनिष्ठ किन्नर का विवाद इतना गहराया कि स्थानीय आरक्षी अधीक्षक अमित कुमार को इसमें सीधा हस्तक्षेप करना पड़ा। वरिष्ठ किन्नर कनिष्ठ किन्नरों का भीषण दोहन करते हैं। उनके बीच वर्चस्व और सीमा विवाद का मामला कलह का कारण बन गया है।
वरिष्ठ किन्नर तो कनिष्ठ किन्नरों के कमाये धन पर भी अपनी नजर टेढ़ी किये रहते हैं। यही कारण है कि कनिष्ठ किन्नर जिल्लत भरी जिन्दगी जीने को विवश हैं।
वरिष्ठ किन्नरों ने इन्हें न सिर्फ पीटा बल्कि नग्न कर शहर में खुलेआम घुमाने का कुत्सित प्रयास भी किया। अपने जान पर मंडराये इस खतरे से भयातुर होकर कनिष्ठ किन्नरों का दल आरक्षी अधीक्षक के कार्यालय पहुंच गया।
अपने जान पर खतरे की शिकायत के साथ-साथ वरिष्ठ किन्नरों पर लगाम लगाने की गुहार लगायी। आरक्षी अधीक्षक अमित कुमार ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन तो दिया ही इन लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया।
लेकिन, कनिष्ठ किन्नरों को अभी भी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। एक किन्नर नाम न बताने की शर्त पर कहते हैं कि वरिष्ठ किन्नरों के दल में कुछ पेशेवर अपराधी किस्म के किन्नर हैं जिनके कारण यह समस्या खड़ी हुई है। वे लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।
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