क्षेत्र की पुलिस अनुमण्डलाधिकारी अमृता सूरी कहती हैं कि उन्हें जानकारी मिली थी कि इस इस इलाके में वन्य प्राणियों के खाल और अंगों का कारोबार चल रहा है।
रायपुर, 14 दिसम्बर (36गढ डाट इन)- संरक्षित वन्य प्राणी तेंदुए की खाल के साथ चार शिकारी को रायगढ़ जिले की पुलिस ने आज गिरतार किया। रायगढ़ जिले के तारापुर क्षेत्र से इन लोगों को गिरतार किया गया।
वहां ये सभी तेंदुए की खाल बेचने के लिए आये थे। पुलिस सूत्र बताते हैं कि मुखबीर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम छद्म ग्राहक के रूप में संरक्षित जानवरों के खाल बेचनेवाले इस गिरोह के साथ सम्पर्क साधा।
डेढ़ लाख में सौदा तय हुआ था। सौदा तय होने के उपरांत पुलिस बल ने खाल के साथ रंगे हाथ इन लोगों को गिरतार कर लिया।
क्षेत्र की पुलिस अनुमण्डलाधिकारी अमृता सूरी कहती हैं कि उन्हें जानकारी मिली थी कि इस इस इलाके में वन्य प्राणियों के खाल और अंगों का कारोबार चल रहा है।
इस पर लगाम लगाने की नीयत से उन्होंने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। जिसके अभियान के तहत यह सफलता हाथ लगी है।
इससे पूर्व विगत 29 अक्तूबर को कांकेर जिले के एक गांव में तीन युवकों को छह लाख रुपये मूल्य के तेंदुए की खाल के साथ गिरतार किया गया था। उस वक्त भी जिले की पुलिस के क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित जानवर की खाल बेचने इस इलाके में पहुंचे हैं।
कांकेर जिले में ही विगत सोलह सितम्बर को भी दो अन्य अवैध कारोबारियों को तेंदुए की खाल के साथ गिरतार किया गया था। यह कार्रवाई भी मुखबिरों की सूचना पर ही हुई थी।
उन के पास से बरामद तेंदुए की खाल पर दो बुलेट के निशान भी मिले थे जिससे यह साबित होता है कि तेंदुए की हत्या गोली मारकर की गयी थी।
तदुपरांत उसका खाल उतार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेचने की मंशा थी। उल्लेख्य है कि छत्तीसगढ़ में तेंदुए पर शामत आयी हुई है। विगत 23 नवम्बर को महासमंद जिले के मुरापार गांव में एक तालाब के पास एक तेंदुए को मृत पाया गया था।
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