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Last Updated: Sat, 19 May 2012 21:25:14 -0500

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Fri, 19 Aug 2011 18:43:00 +0000

मोटर मैकेनिक से बने शो रूम के मालिक



जब व्यक्ति में कुछ करने का जज्बा हो तो थोड़ी सी मदद भी उसे कामयाबी के मुकाम तक पहुंचा देती है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर, 19 अगस्त(36गढ़ डाट इन) जब व्यक्ति में कुछ करने का जज्बा हो तो थोड़ी सी मदद भी उसे कामयाबी
के मुकाम तक पहुंचा देती है।

ऐसे ही शख्स हैं कांकेर के मोटर मैकेनिक मोहम्मद अनवर शरीफ, जिनके पास हुनर और जज्बा तो था, लेकिन पैसों की तंगी के चलते वे कुछ कर नहीं पा रहे थे।

ऐसे समय में खादी एवं ग्रामोद्योग की स्वरोजगार योजना ने उनकी मदद की और वे दस लाख रूपए का ऋण लेकर
एक प्रसिध्द कम्पनी के कार 23525-190811शोरूम के मालिक बन गए।

सिंगार भाट कांकेर में श्री मोहम्मद अनवर शरीफ के कारों की शोरूम गर्व से आज अपने मालिक के कामयाबी की दास्तान कहती है। धमतरी मे जन्में मोहम्मद अनवर शरीफ के परिवार में माता-पिता, दो भाई, पत्नी और तीन लड़कियाँ है।
धमतरी में श्री शरीफ ने ऑटो इलेक्ट्रिकल का काम सीखा है।

इनके पिता भी वाहन चालन के लाईन से जुड़े थे। बड़ा परिवार और कमाने वाला एक। आठवीं पास शरीफ के पास अपना सीखा हुआ मेकेनिक का काम था, जिसकी वजह से वो दूसरे की दुकान में काम करके गुजर बसर में मदद करने लगे।

लेकिन बड़ा आदमी बनने की महत्वाकांक्षा इनके भीतर रही। कुछ नया करने की धुन इन्हें धमतरी से कांकेर ले आई। मां के कान के जेवर गिरवी रखकर 234 रूपये लेकर ये 1992 में कांकेर आए और छोटा सा दुकान खरीदकर खुद का सेल्फ डाइनमा और बैटरी का कार्य शुरू कर दिया।

वर्ष 2008 में इन्हें खादी और ग्रामोद्योग विभाग की हितग्राही मूलक योजना के अन्तर्गत दस लाख रूपये लिया। आज शरीफ ने 16 हजार 200 रूपये की 84 किश्तों में से आधा जमा कर दिया है।

सिंगार भाट स्थित आएशा मोटर्स की बिक्री, सर्विस तथा पार्ट की बिक्री के कार्य होते है। आज श्री शरीफ ने चार अन्य लोगों को रोजगार दिया है और प्रत्येक को तीन हजार पांच सौ रूपये हर महिना मेहनताना देते है। शो रूम से हर महीने पांच-छह गाड़ियां बिक जाती है।

शरीफ के अनुसार गाडियों की बिक्री में ज्यादा मुनाफा नहीं होता मगर सर्विस मे लगभग 50 हजार रूपये प्रतिमाह मुनाफा होता है। पार्टस, अपने कर्मचारियों का वेतन और किश्त जमा करने के बाद उनके पास 15-20 हजार रूपये शुध्द रूप से बचते है। वे अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजना और विभागीय अधिकारियों की मार्गदर्शन को देते हैं।

ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में जरूरत मंद लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।योजना के तहत स्वरोजगार ईकाई स्थापित करने के लिए 25 लाख रूपये तक की योजनायें स्वीकृत की जाती है।

सामान्य वर्ग के पुरूष हितग्राही को 25 प्रतिशत, शेष अन्य वर्गों तथा महिला हितग्राहियों को 35 प्रतिशत मार्जिन मनी बतौर अनुदान दिया जाता है । योजना के तहत किसी भी वर्ग का आवेदक आवेदन कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड कार्यालय जिला पंचायत से सम्पर्क किया जा सकता है।

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