छत्तीसगढ़ में पशुपालकों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति दिलाने पशु धन बीमा योजना के तहत केवल तीन प्रतिशत के किफायती प्रीमियम पर पशुओं का बीमा कराया जा रहा है।
रायपुर, 12 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में पशुपालकों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति दिलाने पशु धन बीमा योजना के तहत केवल तीन प्रतिशत के किफायती प्रीमियम पर पशुओं का बीमा कराया जा रहा है।
राज्य शासन के पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही इस योजना में पशुपालकों को पशुओं का बीमा करने के लिए प्रीमियम राशि पर 50 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जा रहा है।
वर्ष 2006-07 में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर एवं दुर्ग जिले में शुरू हुई इस योजना को अब धमतरी और राजनांदगांव जिले में संचालित किया जा रहा है।
पशुधन बीमा योजना के तहत बीमित राशि के तीन प्रतिशत प्रीमियम पर अब तक लगभग नौ हजार 700 भैंस एवं गौवंशीय पशुओं का बीमा कराया जा चुका है।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश में निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय कम्पनियों द्वारा पशुओं का बीमा कराने पर प्रीमियम की प्रचलित दर प्रतिवर्ष बीमित राशि का छह से लगभग 15 प्रतिशत तक होती है ।
जबकि राज्य शासन द्वारा संचालित पशुधन बीमा योजना के तहत यह वार्षिक प्रीमियम केवल तीन प्रतिशत वार्षिक है और इसमें भी राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत का अनुदान पशुपालकों को उपलब्ध कराया जा रहा है ।
जिससे पशुपालकों को बाजार से किफायती दर पर पशुओं का बीमा कराने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि दुधारू पशुओं का बीमा कराने के लिए सभी श्रेणी और जाति वर्ग के किसान पात्र है। बीमा की अवधि एक वर्ष एवं तीन वर्ष निर्धारित की गई है।
इस वर्ष प्रदेश के धमतरी और राजनांदगांव जिलों में उत्तम नस्ल के दुधारू गाय, भैंस और बकरी जो कम से कम डेढ़ लीटर दूध अपने एक दुग्धकाल में देती हो, उनका बीमा किया जा रहा है।
पशुधन बीमा योजनान्तर्गत एक किसान के अधिक से अधिक दो दुधारू पशुओं, जिनकी उम्र 2 से 12 वर्ष के बीच हो, का ही बीमा होगा। बीमा अवधि एवं उस पर देय प्रीमियम की राशि एक वर्ष हेतु बीमित राशि का तीन प्रतिशत तथा तीन वर्ष के लिए 6.80 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
इस बीमा योजना से किसानों को उनके पशुधन के मृत्यु अथवा पूर्ण स्थाई अपंगता के कारण होने वाले हानि की भरपाई हो सकेगी।
36गढ़ डाट इन