छत्तीसगढ़ के विकासखण्ड मुख्यालयों पर स्तरीय आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा विकासखंड मुख्यालयों पर सर्वसुविधायुक्त विकास नगर बसाए जाएंगे।
रायपुर,13 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के विकासखण्ड मुख्यालयों पर स्तरीय आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा विकासखंड मुख्यालयों पर सर्वसुविधायुक्त विकास नगर बसाए जाएंगे।
विकास नगरों को बहुमंजिला आवासीय भवनों के साथ ही व्यापारिक परिसर, सामुदायिक भवन, उद्यान आदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
योजना के प्रथम चरण में 20 विकासखण्ड मुख्यालयों पर विकास नगर बसाए जाएंगे और शनै: शनै: सभी विकासखण्ड मुख्यालयों को इस योजना के अन्तर्गत शामिल किया जाएगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत द्वारा विगत दिवस गृह निर्माण मंडल की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंडल के अधिकारियों ने उन्हें यह जानकारी दी। श्री मूणत ने विकास नगर योजना पर सैध्दांतिक सहमति व्यक्त की।
श्री मूणत ने समीक्षा बैठक में कहा कि मंडल की नई आवासीय योजनाओं को शुरू करने से पहले स्थल चयन से लेकर बनने वाले मकानों के प्रकार और उनकी लागत के संबंध में भली-भांति परीक्षण कर लिया जाना चाहिए।
योजना की अवधि निर्धारित करते समय तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए समय-सीमा तय की जानी चाहिए और उसके पश्चात निर्धारित समय-सीमा में आवासीय योजनाओं को हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए।
मकानों की लागत निर्धारित करने में भी पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए और एक बार मकानों की लागत तय होने के बाद उसमें किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर आवासीय योजना में एक-एक मॉडल भवन तैयार कर लिया जाना चाहिए, जिससे कि हितग्राही पंजीयन के पूर्व उनका प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें।
श्री मूणत ने कहा कि सभी आवासीय योजनाओं में सड़क, नाली, बिजली, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
श्री मूणत ने आवासीय योजनाओं के निर्माण में होने वाली देरी पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हितग्राहियों को निर्धारित समय सीमा में मकानों का हस्तांतरण हो जाना चाहिए।
जो ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा नहीं करते हैं, उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और उन्हें ब्लैक लिस्टेड किया जाना चाहिए। इसके विपरीत निर्धारित समय-सीमा से पहले योजना पूर्ण करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहन स्वरूप बोनस दिया जाना चाहिए।
श्री मूणत ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत जिन मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें तत्काल आबंटियों को हस्तांतरित किया जाए।
यदि हितग्राही निर्धारित राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें नोटिस देकर मकानों का आवंटन निरस्त किया जाए और उनके पुनर्विक्रय के लिए विज्ञापन जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि मकानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी बाह्य साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
श्री मूणत ने गृह निर्माण मंडल में भू-अर्जन, योजना निर्माण, विपणन तथा तकनीकी देख-रेख के लिए अलग-अलग विंग स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप में नई आवासीय योजनाएं प्रारंभ करने का भी सुझाव दिया।
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