छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से लगे अचानकमार बाघ संरक्षित क्षेत्र में रात के समय वाहन चलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
बिलासपुर,16 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से लगे अचानकमार बाघ संरक्षित क्षेत्र में रात के समय वाहन चलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
1 अप्रैल से देर रात वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हरेक बेरियर पर कड़ी चौकसी रहेगी। वन्यप्राणी प्रकोष्ठ ने यह फैसला जंगल के बिगड़ते माहौल को सुधारने के लिहाज से लिया है।
12 फरवरी की शाम छपरवा से अचानकमार के बीच बाइसन के हमले से मोटरसाइकिल सवार दो युवक घायल हो गए थे।। इस घटना के बाद कलेक्टर सोनमणि बोरा ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में वन्यप्राणी प्रकोष्ठ की बैठक बुलाई, जिसमें अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया के बिगड़ते माहौल को सुधारने के लिए अहम फैसले लिए गए।
वनमंडल अधिकारी, अधीक्षक अचानकमार, उप वनमंडल अधिकारी सहित नेचर क्लब के सदस्यों की मौजूदगी में हुई बैठक में वाहनों की आवाजाही पर विचार किया गया। वैसे तो रिजर्व एरिया में भारी वाहनों की आवाजाही पर शाम 6 बजे के बाद पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है।
इसके बाद भी वाहनों की आवाजाही बदस्तूर जारी है, जिसका वन्य प्राणियों पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। वन्यप्राणी प्रकोष्ठ ने अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में भारी वाहनों की आवाजाही शाम 5 बजे से सुबह 8 बजे तक बंद रखने का फैसला लिया है।
इसके अलावा रात में दुपहिया एवं कार-जीप में फर्राटे भरने वालों को रोकने के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। अब टाइगर रिजर्व एरिया के बेरियरों में एक-एक वाहनों की कड़ाई से जांच होगी। वाहनों की तलाशी के साथ ही उनमें सवार लोगों की स्थिति भी देखी जाएगी।
नशे की हालत में मिलने पर वाहन सवारों को बेरियर में ही रोक लिया जाएगा। 1 अप्रैल से नियम और सख्त होंगे।
रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक छोटे वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित होगी, यानी रिजर्व एरिया में रात 10 बजे से अगले 10 घंटों तक नो-एंट्री की स्थिति होगी। जंगल से गुजरने वाले वाहनों की गति सीमा भी निर्धारित की गई है।
अब रिजर्व एरिया से गुजरने वाली छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों के लिए गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी गई है।
36गढ़ डाट इन