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Last Updated: Thu, 09 Feb 2012 05:03:59 +0530

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Wed, 24 Feb 2010 17:30:00 +0000

शराब पीने से हो सकता है जानलेवा कैंसर



छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों से अपने अनमोल जीवन की रक्षा के लिए शराब नहीं पीने की अपील की है।
36गढ़ डाट इन

रायपुर,24 फरवरी (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ सरकार ने  प्रदेशवासियों से अपने अनमोल जीवन की रक्षा के लिए शराब नहीं पीने की अपील की है। आम जनता के नाम जारी अपील में कहा गया है कि शराब एक तेजाब है जो पेट और आंतों की झिल्लियों को सीधा नुकसान पहुंचाती है।

इससे मुख में छाले भी पड़ सकते हैं। शराब पीने से लीवर खराब होता है और इससे पेट का कैंसर हो सकता है। यह अपील यहां समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी की गयी है।

अपील में कहा गया है कि शराब के सेवन से पेट में अल्सर अर्थात् छाले हो जाते हैं और अल्सर हो जाने के कारण गले और पेट को जोड़ने वाली नली में सूजन आ जाती है और बाद में कैंसर भी हो सकता है।

डॉक्टरों का भी कहना है कि निरंतर शराब के उपयोग से पाचन में सहायता करने वाली रस ग्रंथियों को नुकसान पहुंचता है और ये ग्रंथियां सूज जाती है। ऐसी स्थिति में पेट में अचानक दर्द उठता है।

उल्टियां आती है, रक्तचाप बढ़ने लगता है। इसके बाद भी यदि शराब का सेवन किया जाए तो शराबी को खून की उल्टियां भी हो जाती है और उसकी जीवन लीला समाप्त हो जाती है।

चूंकि शराब का अधिकतर भाग खून में पहुंचता है इसलिए यह शरीर के महत्वपूर्ण अंग यकृत (लीवर) पर असर करती है। लीवर शरीर का ऐसा अंग है जो मनुष्य की पाचन क्रिया में सहायता पहुंचाता है।

पाचन क्रिया पर ही मनुष्य का स्वास्थ्य निर्भर करता है। शराब के लगातार सेवन से लीवर फूल जाता है और दबाने से दर्द होने लगता है।

इस अवस्था में पहुंचते ही सिरोसिस आफ लीवर (यकृत कैंसर) की बीमारी हो जाती है और मनुष्य मृत्यु के निकट पहुंच जाता है।

शराब एक तरल पदार्थ है जिसको रासायनिक भाषा में ईथाइल एल्कोहल कहते हैं। विभिन्न अनाजों, फलों, अंगूर और महुआ आदि के रसों से जो खमीर उठता है उससे विभिन्न प्रकार की शराब बनती है।

उल्लेखनीय है कि सामान्य मनुष्य की अपेक्षा शराबी व्यक्ति के खून को शरीर में संचालित करने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करना पड़ता है।

इस मेहनत के कारण स्नायुमंडल पर अधिक दबाव पड़ता है और यदि यही स्थिति बनी रही तो धीरे-धीरे हृदय कमजोर हो जाता है।

इससे शराब पीने वाले का हृदय अन्य सामान्य लोगों की अपेक्षा कमजोर हो जाता है। शराब से होने वाले हृदय रोग में दिल का दौरा भी पड़ सकता है और उसका आकार भी बढ़ सकता है।

ऐसे में सांस लेने में तकलीफ होती है। कभी-कभी पैर में सूजन भी आ जाता है। यदि इसका उपचार नहीं किया गया तो रोग इतना बढ़ जाता है कि हृदय की धड़कन रूक जाने से मौत हो जाती है। रक्तचाप की बीमारी भी शराब के सेवन से होती है।

डॉक्टरों का यह भी कहना है कि शराब मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव डालता है। शराब खून के माध्यम से मनुष्य के मस्तिष्क तक पहुंचती है।

इससे मनुष्य के मस्तिष्क पर धीरे-धीरे असर होने लगता है, जब शराब का असर सीधे मस्तिष्क पर पड़ता है तब मनुष्य अपनी स्मरण शक्ति खो बैठता है।

जुबान लड़खड़ाने लगती है, हाथ-पांव नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं तथा मनुष्य का संपूर्ण शरीर असंतुलित हो जाता है और ब्रेन हेमरेज आदि बीमारी से पीड़ित होकर मनुष्य की मृत्यु हो जाती है।

यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि सड़कों पर प्रतिदिन दुर्घटनाओं में अनेक व्यक्ति मारे जाते हैं, जिनकी मृत्यु के पीछे शराब का नशा प्रमुख कारण है। इसके कारण लाखों लोग अपंग हो जाते हैं या मौत के मुंह में चले जाते हैं।

शराब पीने वाले चालक भ्रमित हो जाते है जिसके कारण न तो वे दूसरों की सुरक्षा की चिंता करते हैं और ना ही उनके प्राणाें की परवाह, क्योंकि नशे की स्थिति में पहिये को मोड़ने अथवा ब्रेक को दबाने में 25 प्रतिशत समय अधिक लगता है।

जैसे-जैसे नशा चढ़ता है व्यक्ति उत्तेजक मुद्रा में वाहन को अधिक तेजी से चलाता है और आंखों के सामने अंधेरा आते ही स्वयं और दूसरों को लेकर काल के मूंह में समा जाता है।

शराब पीकर वाहन चलाना 'सामाजिक और राष्ट्रीय अपराध है। इसलिए प्रत्येक विवेकशील नागरिक को शराबी व्यक्ति को वाहन चलाने से रोकना चाहिए।

शराब व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से खोखला कर देता है और इस बुरी आदत से समाज का वातावरण भी दूषित होता है।

अतएव हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वे शराब के व्यसन से दूर रहे और दूसरों को भी इस बुरी आदत को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करें। शराब सहित अन्य सभी प्रकार के नशे से मुक्ति दिलाने में योग एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

नशा मुक्ति के लिए शासन के सहयोग से छत्तीसगढ़ में दो नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है, जहां पीड़ितों की नि:शुल्क चिकित्सा की जाती है।

प्रदेश में स्थापित नशामुक्ति केंद्रों में से एक संकल्प व्यसन मुक्ति केंद्र मीरादातार रोड, गुरूनारायण मंदिर के पास शंकर नगर रायपुर में स्थित है, जिसका दूरभाष नम्बर 0771-2442060 है।

दूसरी संस्था माँ डिंडेश्वरी नशा मुक्ति केंद्र बिलासपुर के नजदीक सिरगिट्टी में है जिसका दूरभाष नम्बर 07752-412398 है। इन केंद्रों में नशे से होने वाले कुप्रभावों और संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाता है और मरीजों की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
 
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