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Last Updated: Sun, 05 Feb 2012 10:52:55 +0530

Thu, 25 Feb 2010 18:06:00 +0000

प्रदेश में जैविक खेती की अपार संभावनाएं



छत्तीसगढ़ मे जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। जैविक उत्पादों की मांग को देखते हुए प्रदेश शासन द्वारा भी इस संबंध मे प्रयास किए जा रहे हैं।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,25 फरवरी(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ मे जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। जैविक उत्पादों की मांग को देखते हुए प्रदेश शासन द्वारा भी इस संबंध मे प्रयास किए जा रहे हैं।

कृषि विभाग और कृषि मंत्रालय भारत शासन, क्षेत्रीय जैविकी खेती  जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान मे सर्टिफिकेशन एवं प्रमाणीकरण संस्थाओं और सर्विस प्रोवाइडर स्कीम ऑन आर्गेनिक फार्मिंग विषय पर दस दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

  कार्यक्रम के उद्धाटन सत्र मे मुख्य अतिथि डॉ. एल.एन0 वर्मा, पूर्व निदेशक राष्ट्रीय जैविक खेती केन्द्र गाजियाबाद ने कहा कि जैविक खेती प्राचीन पध्दति है जिसकी आज भी उतनी ही आवश्यकता है जितनी पहले थी।

 श्रीमती रेणु सिंह उपाध्यक्ष आर्गेनिक फॉरमर फुड क्लब ने कहा कि प्रदेश मे जैविक उत्पादों के विक्रय हेतु एक जैविक बाजार की आवश्यकता है ताकि यहां के किसानों को अपने जैविक उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

डॉ एस. के.पालीवाल ने भारत शासन की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजक डॉ अजय सिंह राजपूत ने बताया कि कैसे जैविक खेती आज की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ रह सके। जैविक उत्पाद खरीदने की प्राथमिकता के सर्वेक्षण में पाया गया कि ताजा जैविक सब्जियां, फल और इसके बाद जैविक दूध व अन्य डेयरी के उत्पादों की मांग दिनो दिन बढ़ रही है।

  इस अवसर पर राज्य के कृषि संचालक श्री प्रताप कृदत्त ने जैविक खेती में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा उनके विभाग के सम्पूर्ण अमले को जैविक खेती के बढ़ावे के लिए प्रोत्साहित किया।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित अतिथि के रूप में श्री सी.एल.जैन, निदेशक, राज्य प्रशिक्षण अकादमी, लाभांडी ने जैविक खेती को रेनफेड प्रक्षेत्र के लिए वरदान बताया तथा इसकी छत्तीसगढ़ में आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में डॉ. संकेत ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। इसमें विभाग के सभी जिलों से अधिकारी तथा गैर सरकारी संस्थानाें से आए लगभग 20 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम प्रशिक्षण अकादमी में 18 फरवरी से 27 फरवरी तक चलाया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के दौरान 20 फरवरी को अभ्योदय फार्म अछोटी एवं श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा ग्राम सरोना में सभी प्रशिक्षणार्थियों को जैविक खेती की विभिनन विधाओं की प्रेक्टिकल जानकारी भी दी गयी।

इस कार्यक्रम में डॉ. आलोक कटियार, निदेशक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग, श्री सी.एस.राय, जे.डी.एच. तथा श्रीमती गोपिका गबेल, उप संचालक कृषि श्री पी.सी. बघेल, उप संचालक कृषि एवं श्री एम.के.चन्द्राकर, संयुक्त संचालक कृषि संभाग-रायपुर श्री एस.आर.वर्मा संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.के.चंद्रवंशी, उप संचालक कृषि व श्री आर.के.सोनी और अन्य वैज्ञानिक उपस्थित थे।

36गढ़ डाट इन







 

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