Sat, 27 Feb 2010 19:23:00 +0000 नानाजी का निधन एक सुनहरे युग का अंत: मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पद्म विभूषण सम्मान प्राप्त सुप्रसिध्द चिंतक, समाज सेवी, राज्यसभा के पूर्व सांसद तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठतम प्रचारक श्री नानाजी देशमुख के आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,27 फरवरी(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पद्म विभूषण सम्मान प्राप्त सुप्रसिध्द चिंतक, समाज सेवी, राज्यसभा के पूर्व सांसद तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठतम प्रचारक श्री नानाजी देशमुख के आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी शोक संदेश में कहा है कि श्री नानाजी देशमुख के निधन से देश में ग्र्रामीण विकास और समाज सेवा के लिए होने वाले रचनात्मक चिंतन के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री नानाजी देखमुख ने दीनदयाल शोध संस्थान और ग्रामोदय विश्वविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की बुनियाद रखकर देश में अंत्योदय और ग्रामीण विकास के लिए सराहनीय कार्य खड़े किए।
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के लगभग पांच सौ गांवों में उन्होंने शिक्षा और स्व-रोजगार के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक सेवा प्रकल्पों का संचालन किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि देश-विदेश में उनके इन रचनात्मक प्रयासों को उदाहरण के रूप में लिया जाता है।
डॉ. सिंह ने स्वर्गीय श्री नानाजी देशमुख के साथ अपने वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से मैंने भी अपना एक सच्चा पथ-प्रदर्शक हमेशा के लिए खो दिया है, लेकिन उनके चिंतन और विचार हमेशा मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश और समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
ज्ञातव्य है कि श्री नानाजी देशमुख का आज शाम मध्यप्रदेश के जिला मुख्यालय सतना से लगभग 80 किलोमीटर दूर चित्रकूट के नजदीक सेवा संघ के अस्पताल में निधन हो गया।
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