Fri, 05 Mar 2010 17:13:00 +0000 तेंदूपत्ता की खरीदी न करने वाले व्यापारियों पर होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्तें की खरीदी के लिए राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से अनुबंधित व्यापारियों को समय पर तेंदूपत्ता खरीदी करना अनिवार्य होगा।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,5 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्तें की खरीदी के लिए राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से अनुबंधित व्यापारियों को समय पर तेंदूपत्ता खरीदी करना अनिवार्य होगा।
अनुबंध के बावजूद तेंदूपत्ते की खरीदी नहीं करने वाले व्यापारियों की प्रतिभूति राशि राजसात कर उनके विरूध्द नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता में आज दोपहर यहां मंत्रालय में आयोजित वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके अलावा जल्द नष्ट होने वाले काष्ठ (साफ्ट वूड) के विक्रय संबंधी अधिकारों का विकेन्द्रीकरण करते हुए यह अधिकार अब वन संरक्षक स्तरीय क्रय समिति को सौंपने का निर्णय भी बैठक में लिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2006 से 2008 तक की अवधि में करीब 56 हजार मानक बोरे तेंदूपत्ते का उठाव व्यापारियों ने अनुबंध के बावजूद नहीं किया है।
व्यापारियों ने करारनामे के दौरान 25 फीसदी राशि प्रतिभूति के रूप में जमा कराई थी। इस राशि को राजसात करने का फैसला किया गया और निविदाओं के माध्यम से इसे फिर बेचने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा बैठक में सलई, मोदे, केकड़, मोयन, सेमल, नीलगीरी जैसे जल्दी नष्ट होने वाले काष्ठों को विक्रय करने का अधिकार भी वन संरक्षक स्तरीय क्रय समिति को सौंपा गया है।
साल बीज के विक्रय के संबंध में 450 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की प्राप्त निविदाओं का अनुमोदन किया गया तथा शेष बीजों के विक्रय के लिए साढ़े चार सौ रूपये प्रति क्विंटल विक्रय मूल्य निर्धारित किया गया।
बैठक में वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री पी.सी.दलई, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ए.के.सिंह, मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) श्री बी.के.सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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