Fri, 05 Mar 2010 17:16:00 +0000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी सायकल
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व बेला में आगामी रविवार 07 मार्च को छत्तीसगढ़ में 34 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य शासन की ओर से नि:शुल्क सायकल वितरण की बहुप्रतीक्षित योजना की शुरूआत होगी।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,5 मार्च(36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व बेला में आगामी रविवार 07 मार्च को छत्तीसगढ़ में 34 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य शासन की ओर से नि:शुल्क सायकल वितरण की बहुप्रतीक्षित योजना की शुरूआत होगी।
राजधानी रायपुर के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के मैदान में सात मार्च से शुरू हो रहे दो दिवसीय राज्य स्तरीय महिला महोत्सव में मुख्य अतिथि लोकसभा की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज के हाथों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सायकल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ होगा।
उनके द्वारा प्रतीक स्वरूप दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सायकल दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में एकीकृत बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत 34 हजार 937 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत है।
महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें नि:शुल्क सायकल देने का निर्णय लिया है, ताकि वे अपने कार्यों को और अधिक सुविधाजनक ढंग से कुशलता और गुणवत्ता के साथ सम्पन्न कर सके।
विभाग में इसके लिए साढ़े आठ करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार विभाग द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में यहां राजधानी में दो दिवसीय महिला महोत्सव में महिलाओं के सामाजिक आर्थिक विकास से जुडी अनेक योजनाओं के जरिए उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
कार्यक्रम कार्यक्रम सात मार्च को दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। दूसरे दिन आठ मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का समापन होगा। महोत्सव के उद्धाटन दिवस पर सात मार्च को महिला महोत्सव में सबसे पहले महिला मड़ई 2010 का शुभारंभ किया जाएगा।
इस मड़ई में महिला सशक्तिकरण, महिला कानून, महिला कल्याण और सामाजिक कुरीतियों के संबंध में विभिन्न शासकीय विभागों और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा प्रदार्शनी लगाई जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि महोत्सव में महिला और बाल विकास विभाग की कल्याणकारी योजनाओं ओर कार्यक्रमों में समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धियों को हितग्राहियों तथा आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभागीय त्रैमासिक पत्रिका 'अंगना के गोठ' का प्रकाशन किया जा रहा है, जिसका विमोचन समारोह स्थल में अतिथियों द्वारा महोत्सव के पहले दिन किया जाएगा।
महोत्सव में छत्तीसगढ़ महिला कोष से प्रतीक स्वरूप अतिथियों द्वारा तीन महिला स्व-सहायता समूहों के ऋण वितरित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2010 की स्थिति में प्रदेश के 14 हजार 800 समूहों के 14 करोड़ रूपए के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना में 6.5 प्रतिशत के साधारण ब्याज पर आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि महिला समूहों को वितरित ऋण के विरूध्द प्रदेश में इसकी वसूली 83 प्रतिशत है। सक्षम योजना के तहत भी दो हितग्राहियों को ऋण प्रदान किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की विधवा अथवा 35 से 45 वर्ष आयु की अविवाहित और तलाकशुदा ऐसी महिलाएं जो स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करना चाहती है उन्हें भी योजना के तहत आसान शर्तों पर एक लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि महोत्सव धन लक्ष्मी योजना के तहत टोकन स्वरूप दो बालिकाओं को चेक वितरित किए जाएंगे।
यह योजना कन्या भू्रण हत्या की रोकथाम और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड और बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम विकासखंड में शुरू की गई है।
इसके अलावा शक्ति स्वरूप योजना के तहत चेक और नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्रियां का वितरण किया जाएगा।
इस मोके पर गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेने वालों में से सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति और संस्था को सम्मानित किया जाएगा। 'रेडी-टू-ईट फुड का निर्माण: महिला सशक्तिकरण का एक अभिनव प्रयास' पर बनी फिल्म का भी विमोचन किया जाएगा।
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