Mon, 08 Mar 2010 22:51:00 +0000 14 मार्च से राष्ट्रीय आरोग्य मेला
छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड द्वारा आयुष विभाग भारत शासन और केन्द्रीय औषधि पादप बोर्ड के सहयोग से इस महीने की चौदह से सत्रह तारीख तक चार दिवसीय 'आरोग्य' स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,8 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड द्वारा आयुष विभाग भारत शासन और केन्द्रीय औषधि पादप बोर्ड के सहयोग से इस महीने की चौदह से सत्रह तारीख तक चार दिवसीय 'आरोग्य' स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा।
राजधानी रायपुर के व्ही.आई.पी रोड स्थित श्री राम स्वरूपदास निरंजन लाल धर्मशाला और इसके समीप मैदान में आयोजित इस मेले में देश-विदेश के प्रमुख आयुष विशेषज्ञ, हर्बल निर्माता कम्पनी, व्यापारी और अनुसंधानकर्ता शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में पहली बार विशाल 'आरोग्य मेले' का आयोजन किया जा रहा है। अभी तक दिल्ली, मुम्बई, कलकत्ता जैसे बड़े महानगरों में ही इस तरह के बड़े आरोग्य मेलों का आयोजन किया जाता था।
मेले के प्रमुख आकर्षण के रूप में वहां हर्बल जलपान गृह का स्टॉल होगा जहां वनौषधिय उत्पादों से निर्मित स्वल्पाहार, भोजन और पेय पदार्थ मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह चौदह मार्च को पूर्वान्ह ग्यारह बजे इस विशाल आरोग्य मेले का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी और विशेष अतिथि के रूप में संसदीय सचिव श्री भरत साय उपस्थित रहेंगे।
मेले के दौरान आयुर्वेद उत्पादों और औषधियों पौधों की प्रदर्शनी के साथ ही वनौषधि संबंधी विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी।
पहले और दूसरे दिन क्रमश: चौदह और पन्द्रह मार्च को वनौषधियों के संरक्षण, कृषिकरण एवं पेन्टिग विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन होगा जिसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक सौ से अधिक प्रतिभागियो के शामिल होने की संभावना है।
सोलह मार्च को छत्तीसगढ़ राज्य के परंपरागत वनौषधि चिकित्सकों का सम्मेलन और अंतिम दिन सत्रह मार्च को राज्य के वनौषधि कृषकों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आरोग्य मेले के रूप में आयोजित इस प्रदर्शनी सह संगोष्ठी में आयुर्वेद, यूनानी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं सिध्द क्षेत्र की देश-विदेश की ख्यातिप्राप्त हर्बल उत्पाद निर्माता कम्पनियों, व्यापारियों, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा स्टॉलों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम का प्रबंधन भारतीय विपणन विकास केन्द्र छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है।
आयोजन में औषधीय आरोग्य विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
आयुष विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मेले स्थल पर ही विभिन्न रोगों के उपचार हेतु आयुर्वेद, यूनानी, योग, सिध्द एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।
इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रसिध्द परम्परागत वनौषधि चिकित्सकों द्वारा मेले में आए मरीजों को चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा। मेला स्थल पर ही पतंजली योग पीठ रायपुर के द्वारा सवेरे, दोपहर एवं शाम योगासनों का प्रदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मेले में विभिन्न वनौषधियों का प्रदर्शन करने के साथ उनका विक्रय भी किया जाएगा।
आरोग्य मेले का प्रमुख आकर्षण हर्बल जलपान गृह होगा जहां पर विभिन्न वनौषधियों से निर्मित खाद्य सामग्री दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
वनौषधि आधारित चिकित्सा प्रणालियों के अब तक के विकास पर आधारित एक प्रदर्शनी भी आयुष विभाग भारत सरकार द्वारा लगायी जाएगी। इस आयोजन में प्रतिदिन स्थानीय लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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