Wed, 17 Mar 2010 21:29:00 +0000 मजदूरों को एक सौ रूपए प्रतिदिन वेतन देने पर सहमति
छत्तीसगढ़ में खेतिहर श्रमिकों को आगामी एक अप्रैल से कम से कम एक सौ रूपए प्रतिदिन वेतन मिलेगा।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,17 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में खेतिहर श्रमिकों को आगामी एक अप्रैल से कम से कम एक सौ रूपए प्रतिदिन वेतन मिलेगा।
यह न्यूनतम वेतन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले ग्रामीणों को दिया जाएगा। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढंड की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय स्थित उनके कक्ष में आयोजित न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की बैठक में इस विषय पर आम सहमति बनी है।
सलाहकार बोर्ड की इस आम सहमति से प्रदेश के श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू और मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को अवगत कराया जाएगा। खेतिहर मजदूरों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले ग्रामीणों के वेतन का अंतिम निर्धारण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर श्रम मंत्री द्वारा किया जाएगा।
बैठक में न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड के सदस्य श्री एस.के.राठौर, श्री नरेश सिंह चौहान, श्री नूतनेश्वर, श्री डी.आर. महापात्रा सहित छत्तीसगढ़ उद्योग महासंघ के अध्यक्ष श्री महेश कक्कड़, छत्तीसगढ़ सीमेंट निर्माता संघ के प्रतिनिधि श्री रवि तिवारी भी उपस्थित थे।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी की ओर से श्री आर. एस. सिंह और लघु उद्योग संघ की ओर से श्री एस.के.मलानी ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक में श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त द्वय श्री जागड़े और श्रीमती सविता मिश्रा भी शामिल हुए।
खेती के कामों में लगे मजदूरों के वेतन पुर्नरीक्षण के संबंध में श्री ढंड ने बताया कि सलाहकार बोर्ड के सभी सदस्यों ने वर्तमान में प्रचलित वेतन 83 रूपए 73 पैसे प्रतिदिन को बढ़ाकर कम से कम एक सौ रूपए प्रतिदिन करने पर आम सहमति जताई है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले लाखों गरीब ग्रामीणों को भी इतना ही न्यूनतम वेतन देने पर भी बैठक में सहमति हुई है।
एक सौ रूपए से अधिक वेतन निर्धारण के अंतिम निर्णय के लिए सलाहकार बोर्ड ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू को प्रेषित करने का निर्णय लिया है।
श्री ढंड ने बताया कि वर्तमान में श्रमिकों का वेतन अखिल भारतीय उपभोक्ता थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सूचकांक के आधार पर गणना कर राज्य में हर वर्ष अप्रैल और अक्टूबर माह में श्रमिकों का न्यूनतम वेतन और मंहगाई भत्ता निर्धारित किया जाता है।
इस आधार पर वर्तमान में आगामी एक अप्रैल से तीस सितम्बर 2010 तक की अवधि के लिए अकुशल कृषि श्रमिकों का कुल वेतन 93 रूपए 56 पैसे प्रतिदिन आता है।
इस वेतन को छह रूपए 44 पैसे बढ़ाकर न्यूनतम एक सौ रूपए प्रतिदिन करने पर बोर्ड के सभी सदस्यों ने सहमति जताई है। सदस्यों ने कृषि क्षेत्र के अकुशल श्रमिकों के वेतन निर्धारण पर अंतिम निर्णय लेने के पूर्व पड़ौसी राज्यों में प्रचलित वेतन दरों की जानकारी लेने का भी सुझाव दिया।
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