Wed, 24 Mar 2010 00:01:00 +0000 बिजली की खपत बढ़ना विकास की निशानी: मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में बिजली की खपत और उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ना विकास और समृध्दि की निशानी है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,23 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में बिजली की खपत और उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ना विकास और समृध्दि की निशानी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली के उत्पादन, पारेषण और वितरण की व्यवस्था को और भी अधिक बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार की कम्पनियों द्वारा बुनियादी संरचनाओं के विकास पर अगले तीन वर्ष में 17 हजार करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा।
पहली बार इतनी बड़ी राशि इस कार्य के लिए खर्च की जाएगी। राज्य विद्युत कम्पनी की वर्तमान 1993 मेगावाट की उत्पादन क्षमता को अगले तीन वर्ष में 3494 मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
डॉ0 सिंह आज यहां राज्य विधानसभा में अपने विभागों की आगामी वित्तीय वर्ष 2010-11 की अनुदान मांगों पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने प्रदेश सरकार की नवीन पंचवर्षीय उद्योग नीति (वर्ष 2009 से 2014) का उल्लेख करते हुए सदस्यों को बताया कि इस नीति में औद्योगिक विकास के लिए जिलों के स्थान पर विकासखण्डों को इकाई मानकर वहां उद्योग स्थापना के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों, सेवानिवृत्त सैनिकों, नि:शक्त और महिला उद्यमियों को सामान्य उद्यमियों की तुलना में दस प्रतिशत अधिक अनुदान मिलेगा और उन्हें छूट से संबंधित प्रकरणों में एक वर्ष से अधिक की छूट दी जाएगी।
अनुसूचित जातियों और जन-जातियों के आवेदकों को उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में नि:शुल्क भूमि देने की नीति भी राज्य शासन द्वारा लागू की गयी है और उन्हें सामान्य वर्ग की अपेक्षा डेढ़ गुने से दोगुना अनुदान देने की भी व्यवस्था की गयी है।
उन्हीं उद्योगों को शासकीय अनुदान, छूट और रियायतों का लाभ मिलेगा, जो अपने उद्योगों में अकुशल श्रेणी में कम से कम 90 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में 50 प्रतिशत और प्रबंधकीय श्रेणी में कम से कम 33 प्रतिशत रोजगार छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को देंगे।
मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा विगत लगभग छह वर्ष में राज्य में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हासिल की गयी उल्लेखनीय का भी ब्यौरा दिया।
उन्होंने सदस्यों को विद्युत मंडल के पुनर्गठन के बाद बनी उत्पादन (जनरेशन), पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) कम्पनियों की प्रगति के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत राष्ट्रीय औसत से अधिक हो गयी है। वर्तमान में हमारे यहां प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 860 यूनिट है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह छह सौ यूनिट प्रति व्यक्ति है।
राष्ट्रीय विद्युत नीति में वर्ष 2012 तक इसे प्रति व्यक्ति एक हजार यूनिट तक पहुंचाने का लक्ष्य है, लेकिन छत्तीसगढ़ में हमारी विद्युत वितरण कम्पनी के प्रयासों से हम इस लक्ष्य को एक वर्ष पहले अर्थात् वर्ष 2011 तक प्राप्त कर लेंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा एजेंसी (क्रेडा) द्वारा ऐसे इलाकों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली दी जा रही है, जहां परम्परागत तरीके से विद्युत लाईन पहुंचाना संभव नहीं है।
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