Wed, 24 Mar 2010 23:37:00 +0000 शहनाईयों की मंगल ध्वनि से नक्सल हिंसा का जवाब
नक्सल हिंसा, अराजकता और आतंक का जवाब शहनाईयों की मंगल ध्वनि से भी दिया जाएगा।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,24 मार्च(36गढ़ डाट इन) नक्सल हिंसा, अराजकता और आतंक का जवाब शहनाईयों की मंगल ध्वनि से भी दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के दो जिलों में अगले दस दिनों में दो विशाल सामूहिक विवाह समारोहों के आयोजन के लिए जोरदार तैयारियां चल रही है, जिनमें गरीब परिवारों की लगभग साढ़े आठ सौ बेटियां अपने-अपने परिवारों के धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मंगल ध्वनियों के बीच गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगी।
इनमें से 551 बेटियों की शादी दक्षिण बस्तर के मुख्यालय दंतेवाड़ा के नजदीक ग्राम बालूद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में इस महीने की 28 तारीख को सम्पन्न होगी।
इसी कड़ी में अगले महीने की तीन तारीख को बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर के हाता मैदान में भी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गरीब परिवारों की 300 बेटियों के हाथ पीले होंगे। नक्सल हिंसा और आतंक का मुकाबला करते हुए दोनों जिलों में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत इन बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की तैयारी उत्साह के साथ चल रही है।
यह योजना महिला और बाल विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही है, लेकिन इसमें विवाह समारोह के सुव्यवस्थित आयोजन में राज्य शासन के सभी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालय भी मददगार बनेंगे।
प्रशासन द्वारा विभिन्न इच्छुक समाज सेवी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दानदाता नागरिकों को भी इस आयोजन में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दंतेवाड़ा में होने वाले समारोह में 551 जोड़ों का विवाह गायत्री परिवार द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा। दोनों जिलों में आयोजन के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक विभाग को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं।
योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों की 18 वर्ष से अधिक उम्र की बेटियों के विवाह के लिए राज्य शासन द्वारा प्रत्येक विवाह पर पांच हजार रूपए की सहायता दी जाएगी।
इसमें से चार हजार रूपए वर-वधु के लिए घर-गृहस्थी के सामान पर और एक हजार रूपए आयोजन पर खर्च किए जाएंगे।
दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले समारोह में महिला और बाल विकास विभाग द्वारा वधुओं को साड़ी, चुनरी, चांदी के मंगलसूत्र, बिछिया, सौंदर्य प्रसाधन और वरों को धोती, कुर्ता, साफा तथा प्रत्येक जोड़े को आधा दर्जन थाली और आधा दर्जन गिलास के साथ पानी का ड्रम, प्रेशर कुकर, सूटकेस, टावेल और चादर तथा परात आदि सामान भेंट किए जाएंगे।
इसी तरह की सौगात वर-वधुओं को जिला मुख्यालय जगदलपुर में होने वाले समारोह में भी दी जाएगी। दोनों जिला मुख्यालयों में इन विशाल सामूहिक विवाह समारोहों के दौरान गाजे-बाजे के साथ दूल्हों की बारात भी निकाली जाएगी और परम्परागत रूप से उनका आत्मीय स्वागत किया जाएगा।
जगदलपुर के समारोह में बारातियों के स्वागत से संबंधित तैयारियों के लिए आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, नगर पालिक निगम और महिला एवं बाल विकास विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
36गढ़ डाट इन
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