Fri, 26 Mar 2010 23:29:00 +0000 बिगड़ते पर्यावरण को बचाने मुख्यमंत्री की अपील
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की वजह से बिगड़ते पर्यावरण को बचाने के लिए कल 27 मार्च को प्रदेश के सभी नागरिकों से एक घंटे तक घराें और व्यावसायिक प्रतिष्ठानाें में बिजली बंद रखने की अपील की है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,26 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की वजह से बिगड़ते पर्यावरण को बचाने के लिए कल 27 मार्च को प्रदेश के सभी नागरिकों से एक घंटे तक घराें और व्यावसायिक प्रतिष्ठानाें में बिजली बंद रखने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि इस दौरान रात साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ बजे तक बिजली के स्विच ऑफ करके प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के इस अंतर्राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बनें।
इस दौरान बिजली के बल्ब और बिजली से चलने वाले सभी उपकरणों को बंद रखा जाए। डॉ. रमन सिंह ने जनता के नाम आज यहां जारी अपील में कहा है कि इन उपकरणों से निकलने वाली वाली गर्मी की वजह से भी पृथ्वी के तापमान में वृध्दि होती है, जिसका पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
इसलिए यदि हर साल प्रतीकात्मक रूप से ही सही, यदि एक घंटे भी बिजली बंद की जाए तो जहां काफी मात्रा में विद्युत की बचत होगी, वहीं ग्लोबल वार्मिंग का खतरा भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती की वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। फलस्वरूप आज पूरी दुनिया में सम्पूर्ण मानव जाति और प्राणी जगत के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
इससे बचाव के लिए पृथ्वी पर सम्पूर्ण मानव जाति को एकता की भावना के साथ संगठित होने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री को पिछले सप्ताह यहां उनके निवास पर इस सिलसिले में समाजसेवी संस्था 'विश्व प्रकृति निधि-भारत' (डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ.-इण्डिया) के प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा के दौरान बताया था कि इस संस्था द्वारा 27 मार्च को भारत सहित दुनिया के 90 देशों में एक घंटे तक बिजली बंद रखने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उनकी इस पहल को अत्यंत सराहनीय और स्वागत योग्य बताया। डॉ. रमन सिंह को प्रतिनिधि मंडल ने वन्य प्राणियों पर आधारित कैलेण्डर भेंट किया, जो दुनिया भर में 'जंगल का राजा' कहे जाने वाले शेरों के अस्तित्व को बचाने के लिए जनजागृति के उद्देश्य से संस्था द्वारा प्रकाशित किया गया है।
डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें बताया कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को देखते हुए संस्था द्वारा दुनिया भर में जन चेतना जागृत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
इसकी शुरूआत 'अर्थ ऑवर' कार्यक्रम के रूप में तीन वर्ष पहले विगत मार्च 2007 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से की गयी थी, जहां व्यक्तियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में 27 मार्च को कम से कम एक घंटे तक बिजली बंद रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पिछले साल संस्था ने भारत में भी यह अभियान चलाया।
इसमें देश के 56 शहरों ने हिस्सा लिया। लगभग 50 लाख लोगों ने घरों में और अपने प्रतिष्ठानों में एक घंटे तक बिजली बंद रखी। अभियान में करीब छह लाख विद्यार्थी भी शामिल हुए।
इनमें से दो लाख विद्यार्थी दिल्ली के थे। इन सबके सहयोग से पिछले साल के अभियान में एक हजार मेगावाट बिजली की बचत हुई।
इसमें छह सौ मेगावाट बिजली की अकेले दिल्ली में बचत की गयी। इस वर्ष भी 27 मार्च को संस्था ने 'पृथ्वी के लिए' कार्यक्रम के तहत लोगों से रात साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक एक घंटे के लिए बिजली बंद रखने का आग्रह किया है।
इसमें दुनिया के विभिन्न देशों के चार हजार शहरों को शामिल किया जा रहा है। विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यू. डब्ल्यू.एफ) के प्रतिनिधि मंडल में इस संस्था के कवर्धा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की वरिष्ठ परियोजना अधिकारी सुश्री नेहा सेमुएल सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि वर्ष 1969 में स्थापित उनकी यह अंतर्राष्ट्रीय संस्था डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ.-इण्डिया एक चेरिटेबल ट्रस्ट के रूप में विगत चालीस वर्षों से भारत में प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जनभागादारी से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम संचालित करते आ रही है।
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