Fri, 26 Mar 2010 23:29:00 +0000 राज्य के 34 लाख तेंदूपत्ता श्रमिकों का नि:शुल्क बीमा
छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े आठ हजार 399 संग्राहकों के आश्रितजनों को दो विभिन्न बीमा योजनाओं के तहत दस करोड़ 78 लाख रुपए के बीमा दावों की राशि स्वीकृत की गयी है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,26 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े आठ हजार 399 संग्राहकों के आश्रितजनों को दो विभिन्न बीमा योजनाओं के तहत दस करोड़ 78 लाख रुपए के बीमा दावों की राशि स्वीकृत की गयी है।
इसके अलावा जन-श्री बीमा योजना के तहत संग्राहक परिवारों के कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं और आई.टी.आई में पढ़ने वाले के 26 हजार से अधिक विद्यार्थियों को एक करोड़ 97 लाख रुपए की शिष्यवृत्ति भी वितरित की गई। तीन सौ रुपए के हिसाब से मासिक शिष्यवृत्ति दी जाती है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे परिवारों के मुखिया और उनके आश्रित सदस्यों के लिए प्रमुख रुप से दो बीमा योजनाएं लागू है।
भारतीय जीवन बीमा निगम के सहयोग से संग्राहक परिवार के मुखिया के लिए जनश्री बीमा योजना और आश्रित संग्राहकों के लिए समूह बीमा योजना संचालित है।
दोनों योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के वनोपज संग्रहण में लगे सभी 34 लाख संग्राहकों को शासन की ओर से नि:शुल्क बीमा सुरक्षा प्रदान किया गया है। इस तरह तेंदूपत्ता संग्राहकों को अपनी ओर से बीमा हेतु कोई भी राशि व्यय नहीं करनी पड़ती है।
जन श्री बीमा योजना के तहत संग्राहक परिवार के मुखिया की सामान्य मौत होने पर आश्रित परिजन को 20 हजार रुपए, अस्थाई विकलांग होने पर 25 हजार रुपए और स्थायी अपंगता अथवा दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 हजार रुपए की बीमा राशि एक मुश्त दी जाती है।
इसके लिए परिवार के मुखिया की उम्र 18 वर्ष से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा अप्रैल 09 से जनवरी 2010 तक जन-श्री बीमा योजना के तहत चार हजार 264 दावा प्रकरण स्वीकृत किए गए, जिनके लिए आठ करोड़ 81 लाख रुपए की दावा राशि स्वीकृत की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि परिवार के मुखिया के अलावा अन्य वयस्क संग्राहकों के लिए समूह बीमा योजना लागू है। इसके लिए भी संग्राहक की उम्र 18 वर्ष से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
बीमित व्यक्ति की सामान्य मृत्यु होने पर उनके द्वारा नामांकित परिजन को तीन हजार पांच सौ रुपए, आंशिक विकलांगता होने पर 12 हजार पांच सौ रुपए, दुर्घटना जनित मृत्यु अथवा पूर्णत: विकलांग होने पर 25 हजार रुपए की बीमा राशि प्रदान की जाती है।
पिछले वर्ष अप्रैल 2009 से इस वर्ष जनवरी 2010 तक समूह बीमा योजना के अंतर्गत चार हजार 135 वनवासियों के पीड़ित परिवारों को एक करोड़ 97 लाख रुपए की बीमा राशि का भुगतान किया गया है।
बीमा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदक को अपने संबंधित प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक के यहां निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होता है।
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