Tue, 30 Mar 2010 21:29:00 +0000 स्मार्ट कार्ड के जरिए गरीबों का मुफ्त इलाज
छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं और किफायती इलाज उपलब्ध कराने के लिए तीस रूपए में एक साल तक तीस हजार रूपए तक का इलाज कराने की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित की जा रही है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,30 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं और किफायती इलाज उपलब्ध कराने के लिए तीस रूपए में एक साल तक तीस हजार रूपए तक का इलाज कराने की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित की जा रही है।
योजना के तहत गरीब परिवारो को आठ सौ से अधिक बीमारियों का नि:शुल्क इलाज कराने की सुविधा दी जा रही है।
इस योजना के तहत बीमित परिवार के पांच सदस्यों को तीस हजार रूपए तक की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नि:शुल्क इलाज कराने की सुविधा लेने के लिए हितग्राही को तीस रूपए पंजीयन शुल्क जमा कराकर स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है।
योजना के तहत राज्य के सरगुजा जिले में साठ हजार 833 गरीब परिवारों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं।
योजना के तहत पंजीकृत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और शहरी क्षेत्रों में जिला चिकित्सालयों एवं मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में इलाज की नि:शुल्क सुविधा ले सकते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत सरगुजा जिले में स्मार्ट कार्डधारी गरीब परिवारों के इलाज के लिए चयनित किये गये निजी अस्पतालों में कुण्डला मेमोरियल अस्पताल, अरिहंत चिकित्सालय अम्बिकापुर, परीडा चिकित्सालय एवं होलीक्रॉस मिशन अस्पताल शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मातृत्व लाभ की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।
इस योजना के तहत लाभ प्राप्ति के लिए संबंधित परिवार के लिए बायोमेट्रिक तकनीक पर स्मार्ट कार्ड बनाया जाता है, जिसके चिप में परिवार की पहचान से संबंधित सूचनाएं संग्रहित रहती है।
इस कार्ड पर परिवार के मुखिया तथा परिवार के अन्य चार सदस्याें के अंगूठे के निशान, नाम तथा उनका मुखिया से संबंध दर्ज रहता है तथा बायो मेट्रिक तकनीकी के कारण इसका दुरूपयोग नहीं किया जा सकता है। इलाज की सुविधा सूचीबध्द सरकारी एवं निजी अस्पताल में भर्ती होकर नि:शुल्क प्राप्त की जा सकती है।
इलाज के दौरान जांच, भोजन इत्यादि का व्यय भी सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। बीमित माता से जन्में शिशु को जन्म से बीमा पॉलिसी की अवधि तक (अधिकतम 1 वर्ष) स्वत: बीमा सुरक्षा उपलब्ध है। 36गढ़ डाट इन
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