Wed, 31 Mar 2010 20:18:00 +0000 30 अप्रैल को एड्स सुरक्षा रिबिन योजना का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में एड्स के प्रति जन-जागरूकता लाने के लिए 30 अप्रैल 2010 को एड्स सुरक्षा रिबिन योजना का शुभारंभ किया जा रहा है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,31 मार्च(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में एड्स के प्रति जन-जागरूकता लाने के लिए 30 अप्रैल 2010 को एड्स सुरक्षा रिबिन योजना का शुभारंभ किया जा रहा है।
इसके अन्तर्गत गांवों में तैनात साठ हजार मितानिन प्रदेश भर में छह लाख परिवारों के लगभग 48 लाख लोगों को एड्स सुरक्षा रिबिन बांधेगी। रिबिन बांधने का काम एक ही दिन में पूरा किया जाना है।
इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियत्रंण समिति द्वारा जिला स्तर पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि एड्स के प्रति जन-जागरूकता लाने के लिए एड्स सुरक्षा रिबिन काफी प्रभावी और व्यापक योजना है।
इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के अधिकतम लोगों तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा रिबिन ब्रेसलेट की तरह एक लाल रंग की पट्टी है, जिसे महिला और पुरूषों की कलाई में बांधा जाएगा।
इसमें एड्स किस कारण से फैलता है, उससे कैसे बचा जा सकता है, कंडोम की उपयोगिता, गर्भवती माताओं का एच.आई.वी. परीक्षण की जरूरत आदि छह प्रकार के संदेश अंकित है।
यह कलाई में हमेशा बंधे होने के कारण एड्स के कारणों और बचावों के बारे में व्यक्ति अच्छी तरह से जान सकता है और अपने पार्टनर को भी एड्स से बचा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि रेड रिबिन का प्रभाव और उसकी उपयोगिता को देखते हुए भारत सरकार द्वारा रेड रिबिन एक्सप्रेस (रेल) रवाना किया है। यह देश के सभी राज्यों में जाएगा।
छत्तीसगढ़ में रेड रिबिन एक्सप्रेस का प्रवेश 26 जुलाई को होगा। इसके विभिन्न बोगियों में एच.आई.वी. संक्रमण के कारण, एड्स से बचाव और कारणों को प्रभावी तरीके से दर्शाया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में छह हजार से अधिक लोग एच.आई.वी. से संक्रमित है। इनमें 36.29 प्रतिशत महिला और 63.38 प्रतिशत पुरूष हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा संक्रमित लोगों को परामर्श और नि:शुल्क दवाईयों की व्यवस्था की गई है।
पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर, जिला चिकित्सालय दुर्ग और चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में ए.आर.टी. सेन्टर (जांच एवं परामर्श केन्द्र) स्थापित हैं, जहां एच.आई.वी. संक्रमित मरीजों को नि:शुल्क परामर्श और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा अम्बिकापुर, महासमुंद और कोरबा में लिंक ए.आर.टी. सेन्टर की स्थापना की गई है।
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