Mon, 31 May 2010 23:11:00 +0000 संस्कृत विद्यालयों में लागू होंगे नये पाठयक्रम
छत्तीसगढ़ के प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में आगामी शिक्षा सत्र से नये पाठयक्रम लागू किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा नये पाठयक्रम के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,31 मई(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में आगामी शिक्षा सत्र से नये पाठयक्रम लागू किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा नये पाठयक्रम के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
ये पाठयक्रम राष्ट्रीय स्तर के संस्कृत विषय विशेषज्ञों और शिक्षाविद्ों के मार्गदर्शन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यालय मण्डलम् द्वारा तैयार किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में विगत दिवस आयोजित विद्या मण्डलम् की कार्यकारिणी की बैठक में संस्कृत विद्यालयों में रोजगार मूलक पाठयक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया था।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के सचिव डॉ. सुरेश शर्मा ने आज यहां बताया कि प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के प्रथमा (पूर्व माध्यमिक) स्तर पर छह प्रश्न पत्र होंगे। प्रथम प्रश्न पत्र अनिवार्य व्याकरण एवं संस्कृत विषय संबंधित रहेगा।
द्वितीय प्रश्न पत्र में व्यवसायिक विषय के अन्तर्गत वेदकर्मकाण्डम्, ज्योतिष, वास्तुशास्त्रम्, प्रवचनम्, योगदर्शन में से किसी एक विषय अध्ययन किया जा सकेगा।
तृतीय प्रश्न पत्र में हिन्दी एवं अंग्रेजी, चतुर्थ प्रश्न पत्र में गणित, पांचवें प्रश्न पत्र में विज्ञान तथा छठवें प्रश्न पत्र में सामाजिक विज्ञान के विषय निर्धारित रहेंगे।
पूर्व मध्यमा (हाई स्कूल) स्तर में सात प्रश्न पत्र रहेंगे। प्रथम प्रश्न पत्र अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य द्वितीय प्रश्न पत्र संस्कृत के शास्त्रीय विषय व्याकरण, वेद, दर्शन, ज्योतिष, पुराण एवं धर्मशास्त्र में से किसी एक विषय पर केन्द्रित होगा।
तृतीय प्रश्न पत्र व्यावसायिक विषय का रहेगा। चतुर्थ प्रश्न पत्र हिन्दी और अंग्रेजी, पांचवा प्रश्न पत्र गणित, छठवां प्रश्न पत्र विज्ञान तथा सातवां प्रश्न पत्र सामाजिक विज्ञान का होगा।
उत्तर मध्यमा (हायर सेकेण्डरी) स्तर पर भी सात प्रश्न पत्र होंगे। इनमें प्रथम प्रश्न पत्र अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य पर आधारित रहेगा। द्वितीय प्रश्न पत्र के अन्तर्गत संस्कृत के शास्त्रीय विषय साहित्य, व्याकरण, वेद, दर्शन, ज्योतिष, पुराण और धर्मशास्त्र में से किसी एक विषय का चयन करना होगा।
इसी तृतीय प्रश्न पत्र व्यावसायिक विषय से संबंधित होगा। चतुर्थ प्रश्न हिन्दी और अंग्रेजी विषय से जुड़ा रहेगा। पांचवें, छठवें और सातवें प्रश्न पत्रों में विद्यार्थी कला, विज्ञान, वाणिज्य, गृह विज्ञान आदि समूहों में से किसी एक विषय का चयन कर सकेंगे।
डॉ.शर्मा ने बताया कि सभी आधुनिक विषयों जैसे विज्ञान,सामाजिक विज्ञान,गणित,वाणिज्य, गृह विज्ञान आदि की पढ़ाई हिन्दी माध्यम से होगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में लागू किए जा रहे नये पाठयक्रम इन विद्यालयों के विद्यार्थियों के व्यावसायिक कौशल के विकास में सहायक होंगे।
उन्होंने कहा कि इससे प्राच्य संस्कृत की शास्त्रीय परम्पराओं का संरक्षण एवं संवर्धन होगा तथा संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्राच्य संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी संस्कृत के साथ-साथ अन्य आधुनिक विषयों का अध्ययन करेंगे तो उनमें व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित होगा। इसके साथ ही इन विद्यार्थियों को उत्तर मध्यमा के बाद होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
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