Tue, 01 Jun 2010 23:21:00 +0000 विद्यालय भवनों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर लगाने के निर्देश
निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरे अभियान में क्षेत्रीय विधायकों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर इसे एक महोत्सव के रूप में सम्पन्न किया जाए ।
36गढ़ डाट इन
रायगढ़,1 जून(36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की भावनाओं के अनुरूप कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अशोक कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी.जोशी के मार्गदर्शन में जिले के शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में जल संरक्षण, संवर्धन,वृक्षा रोपण के लिए नई संरचनाओं और रैन वाटर-हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इस वर्ष प्राथमिकता के आधार पर जल संरक्षण के लिए जिले के शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यालयों और विद्यालयस्कूल भवनों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर 20 जून 2010 तक अनिवार्य रूप से लगाये जाने और वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं ।
निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरे अभियान में क्षेत्रीय विधायकों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर इसे एक महोत्सव के रूप में सम्पन्न किया जाए ।
कलेक्टर श्री अग्रवाल के दिशा-निर्देशन के परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी जोशी द्वारा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त,सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और हाईस्कूल,हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों के सभी प्राचार्य को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में व्याप्त गंभीर जल संकट और निरंतर गिरते भू-जल स्तर को दृष्टिगत रखते हुए गत दिवस मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह द्वारा जल संरक्षण,संवर्धन के लिए उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया है ।
इसके अन्तर्गत अक्षय तृतीया के पर्व पर पुन: एक महाभियान का शुभारंभ किया गया जो एक माह से प्रारंभ होकर आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना तक जारी रहेगा ।
उन्होंने कहा है कि स्कूल शिक्षा एक वृहद विभाग है । जल संरक्षण,संवर्धन से अपने विद्यार्थियों और जनमानस में अतुलनीय सहयोग प्राप्त कर इस दिशा में योगदान दे सकते हैं ।
इसके अन्तर्गत सर्वप्रथम एक माह की कार्य योजना के अन्तर्गत प्राथमिकता के आधार पर जल संरक्षण के तहत जिलाब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर एक माह की समयावधि में अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाना सुनिश्चित करें ।
उन्होंने जिले में स्थित विभाग के समस्त कार्यालयीन भवनों के आस-पास रिक्त एवं अनुपयोगी भूमि पर वृक्षारोपण किये जाने के लिए वर्षा के पूर्व समस्त औपचारिकताएं,तैयारियां पूर्ण कर समयावधि में वृक्षारोपण कार्य सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं ।
जल संरक्षण और संवर्धन की नई संरचनाओं के अन्तर्गत समस्त शासकीय विद्यालयों के आस-पास की रिक्त भूमि तथा खेल मैदान के चारो ओर वृक्षारोपण हेतु पानी की उपलब्धता,गड्डे खुदवाने की व्यवस्था और लगाये जाने वाले पौधों की सुरक्षा आदि वर्षा के पूर्व सुनिश्चित कर लिया जाए ।
इसी प्रकार विद्यालयों में वृक्षारोपण किये जाने के लिए विद्यार्थियों के समूह भी बनाये जा सकते है अथवा विद्यार्थियों को उनके पूर्वजों की स्मृति में वृक्ष लगाने हेतु प्रेरित किया जा सकता है, विद्यार्थियों में स्वप्रेरणा से पौधों को सुरक्षितजीवित रखने की भावना जागृत होगी ।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जलाशयों के संरक्षण,संवर्धन,उनके गहरीकरण आदि के लिये भी विद्यार्थियों तथा उनके पालकों को प्रोत्साहित किया जाये ।
विद्यालयों के एन.सी.सी.तथा स्काउट एवं गाईड के छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी इस कार्यक्रम के लिए सुनिश्चित की जाये । निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरे अभियान में क्षेत्रीय विधायकों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर इसे एक महोत्सव के रूप में सम्पन्न किया जाए।
36गढ़ डाट इन
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