Wed, 02 Jun 2010 23:47:00 +0000 केन्द्रीय गृहमंत्री द्वारा अखिल भारतीय विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ
केन्द्रीय गृहमंत्री श्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि विभिन्न प्रकार की आपराधिक गतिविधियों सहित आतंकवाद और उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को और भी अधिक बेहतर प्रशिक्षण के साथ सभी जरूरी आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि वे हर प्रकार की चुनौती का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकें।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,2 जून(36गढ़ डाट इन) केन्द्रीय गृहमंत्री श्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि विभिन्न प्रकार की आपराधिक गतिविधियों सहित आतंकवाद और उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को और भी अधिक बेहतर प्रशिक्षण के साथ सभी जरूरी आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि वे हर प्रकार की चुनौती का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकें।
श्री चिदम्बरम ने कहा कि केन्द्रीय बलों सहित राज्यों के पुलिस बलों को देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरी सजगता और तत्परता से काम करने की जरूरत है।
श्री चिदम्बरम ने आज सवेरे यहां 40वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की।
प्रदेश के गृहमंत्री श्री ननकीराम कंवर और गृह विभाग के संसदीय सचिव श्री विजय बघेल भी सम्मेलन में विशेष रूप से उपस्थित थे।
राज्य पुलिस और नई दिल्ली स्थित पुलिस शोध एवं विकास संस्थान (बी.पी.आर.एंड डी.) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिवसीय इस सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री चिदम्बरम ने देश में उग्रवाद एवं आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक आबादी वाले हमारे देश में कानून और व्यवस्था बनाये रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है और हमारे पुलिस बल उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निवर्हन कर रहे हैं।
हमारे देश में एक लाख की आबादी पर केवल 160 पुलिस कर्मी है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की तुलना में यह अनुपात बहुत कम है। केन्द्र सरकार का यह प्रयास है कि राज्यों के सहयोग से इस अनुपात को बढ़ाया जाए।
श्री चिदम्बरम ने कहा कि पुलिस बलों को हर दृष्टि से अधिक से अधिक सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय पुलिस आयोग की सिफारिशों को लागू करने के निर्देश राज्य सरकारों को दिए गए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने देश के सभी राज्यों के पुलिस बलों में निगरानी, संचार और सूचना तंत्र को और भी ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक टेक्नॉलाजी के अधिक से अधिक इस्तेमाल की जरूरत पर बल दिया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में पुलिस स्टेशनों की संख्या भी बहुत कम है।
पुलिस बलों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ ही पुलिस कर्मियों के बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया। श्री चिदम्बरम ने बताया कि राज्य की पुलिस बलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर केन्द्र सरकार ने देश में पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र, एक केन्द्रीय अकादमी के गठन का निर्णय लिया है।
श्री चिदम्बरम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा और आतंक की चुनौती का मुकाबला करने और हिंसा पर आधारित नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए केन्द्र और राज्य मिलकर बेहतर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
केन्द्र सरकार इसके लिए राज्य को हर प्रकार के संसाधन मुहैया करा रही है। केन्द्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सल हिंसा की घटनाओं में शहीद पुलिस जवानों और मारे गए निरीह नागरिकों के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अध्यक्षीय आसंदी से सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि समय के साथ-साथ पुलिस की भूमिका में परिवर्तन हुआ है।
आजादी के पहले पुलिस की भूमिका अलग थी आजादी के बाद उसमें परिवर्तन आया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 21वीं सदी के इस दौर में अपराधियों द्वारा नई-नई तकनीक इस्तेमाल करने से पुलिस के सामने उनसे निपटने की गंभीर चुनौतियां भी है।
आतंकवाद और नक्सल हिंसा का हमें मिलकर दृढता से मुकाबला करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 40वीं अखिल भारतीय विज्ञान कांग्रेस में शामिल होने देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुभव सुनने को मिलेंगे।
इस सम्मेलन में नए विचार आएंगे और तकनीकों के संबंध में चर्चा की जाएगी। इसका लाभ हमारे पुलिस प्रशासन को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय पुलिस बल में कमी थी। राज्य सरकार द्वारा 25 हजार जवानों की भर्ती की गई है।
कांकेर में जंगलवार फेयर कालेज की स्थापना कर पुलिस जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में पुलिस को हर संभव जरूरी संसाधन दिए जा रहे हैं।
पुलिस के लिए सुविधाओं के साथ-साथ अधोसंरचनाओं का भी विकास किया जा रहा है। नए पुलिस थानों और पुलिस चौकियों के लिए भवनों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पुलिस जवानों के सामने नक्सल हिंसा और गुरिल्ला वार से लड़ने की सबसे बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ पुलिस का मनोबल बहुत ऊॅंचा है। पुलिस बल को आधुनिक नई तकनीक को जानने समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल हिंसा के खिलाफ शांति के लिए अभियान सलवा जुडूम वहां के वनवासियों का स्वस्फूर्त आंदोलन है। यह किसी राजनीति दल या सरकार का अभियान नहीं है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में फिर से अमन चैन और शांति कायम होगी।
मुख्यमंत्री ने कान्फ्रेंस के आयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए इसके सफलता की कामना की। स्वागत भाषण प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन और आयोजन संबंधी जानकारी पुलिस शोध एवं विकास संस्थान नई दिल्ली के महानिदेशक श्री प्रसुन मुखर्जी ने दी।
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