छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पिता, वयोवृध्द नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विघ्नहरण सिंह का आज सबेरे रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर निधन हो गया।
रायपुर,4 जून(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पिता, वयोवृध्द नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विघ्नहरण सिंह का आज सबेरे रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर निधन हो गया।
उनका अंतिम संस्कार आज कवर्धा के मुक्तिधाम में किया गया। वे लगभग 87 वर्ष के थे। उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रायपुर से सड़क मार्ग से कवर्धा लाया गया।
आम लोगों के दर्शनार्थ उनका पार्थिव शरीर स्थानीय मुख्यमंत्री आवास में दो घंटे रखा गया। वहां कवर्धा सहित आसपास के गांवों से आए हजारों लोगों ने स्वर्गीय विघ्नहरण सिंह की पार्थिव काया का दर्शन कर श्रध्दांजलि दी। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
आम लोगों के दर्शन के उपरांत श्री विघ्नहरण सिंह की अंतिम यात्रा उनके निवास से निकली व शहर के मुख्य मार्ग होते हुए सहसपुर लोहारा चौक स्थित मुक्तिधाम पहुंची। जहां विघ्नहरण सिंह के सुपुत्र आनंद सिंह ने अपने पिता को नम आंखो से मुखाग्नि दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, अशोक सिंह, मुख्यमंत्री के सुपुत्र अभिषेक सिंह भी मौजुद थे। इस मौके पर श्रध्दांजलि सभा का आयोजन किया गया और स्वर्गीय श्री विघ्नहरण सिंह के सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया गया।
दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों , अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
इस मौके पर श्रध्दांजलि देते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि विघ्नहरण सिंह एक युगदृष्टा थे। वे संस्कारवान पिता, मिलनसार व मजबूत इरादे वाले व्यक्ति थे।
उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा परिवार की ओर से शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। इस मौके पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री रवीन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री के पिता विघ्नहरण सिंह हम सब के सम्माननीय थे। वे कोई भी बात बड़ी बेबाकी से कहते थे।
वे राजनीतिक, सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने कहा कि विघ्नहरण सिंह का निधन हम सबके लिये अपूर्णीय क्षति है। सांसद श्री रमेश बैस ने विघ्नहरण सिंह के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया व शोक संतप्त परिवार के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
पूर्व मंत्री श्री धनेन्द्र साहू ने कहा कि विघ्नहरण सिंह सौभाग्यशाली व्यक्ति थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी के साथ बिताया।
राज्य योजना मंडल के उपाध्यक्ष श्री शिवराज सिंह ने विघ्नहरण सिंह से जुडी यादाें को साझा करते हुए कहा कि विघ्नहरण सिंह कहा करते थे, कि जीवन में ऊंच-नीच आते रहती है, पर सकारात्मक सोंच लोगों को आगे बढ़ाती है। इस मौके पर प्रांत प्रचारक श्री दीपकजी व क्षेत्रीय संचालक श्री विश्राम जी ने भी संबोधित किया।
स्वर्गीय ठाकुर विघ्नहरण सिंह : एक परिचय

समाज
सेवा के लिए समर्पित स्वर्गीय ठाकुर विघ्नहरण सिंह का जन्म 02 अप्रैल 1923
को वर्तमान राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ में हुआ था। उन्होंने मैट्रिक और
बी.ए.एल.एल.बी की पढ़ाई नागपुर से की।
अनुशासनप्रिय, सहज-सरल और सात्विक
स्वभाव तथा सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और मिलनसार व्यवहार के धनी स्वर्गीय
श्री सिंह ग्राम रामपुर (ठाठापुर) में एक सफल कृषक और कवर्धा में एक
लोकप्रिय अधिवक्ता और समाज सेवी के रूप में अपना सम्मानजनक स्थान बनाया।
वे रामकृष्ण मिशन, विवेकानंद आश्रम और गायत्री परिवार से भी जुड़े हुए थे।
स्वर्गीय श्री सिंह अध्ययनशील और खुले विचारों के प्रगतिशील चिन्तक थे।
धर्म और आध्यात्म के प्रति गहरी आस्था के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी उनके
मन में काफी सम्मान था। उन्होंने अधिवक्ता के रूप में वकालत के माध्यम से
भी समाज के जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास किया।
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