Sun, 20 Jun 2010 22:35:00 +0000 बीमारियों की जानकारी के लिए सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश
प्रदेश में उल्टी दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
36गढ़ डाट इन
रायपुर 20जून(36गढ़ डाट इन) प्रदेश में उल्टी दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री विकासशील ने सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि सभी जिलों में टेलीफोन, पुलिस, वन, राजस्व और ग्राम पंचायतों के वायरलेस सेट से सूचना का ऐसा तंत्र विकसित करें, जिससे कहीं भी उल्टी दस्त, बुखार अथवा अन्य मौसमी बीमारी की तुरंत सूचना मिल सके।
इससे बीमारी की समय पर रोकथाम हो सकेगी। उन्होंने सेक्टर, विकासखंड और जिला स्तर पर काम्बेट दलों का गठन करने के भी निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि काम्बेट दलों के पास वाहन अनिवार्य रूप से रहे। स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि बरसात के मौसम में उल्टी-दस्त, पीलिया, टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलने की आशंका ज्यादा होती है। तुरंत सूचना मिलने पर चिकित्सा दल आवश्यक उपचार कर इन बीमारियों को महामारी का रूप धारण्ा करने से रोक सकते हैं।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि वे अपने जिले के पहुंचविहीन अथवा बाढ़ की आशंका वाले गांवों, मंजरों को चिन्हांकिंत कर वहां पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक और महामारी नियंत्रण की दवाईयों का भंडारण कराएं।
ऐसे गांवों और मंजरों-पारों के जल स्रोतों में ब्लीचिंग पावडर, क्लोरीन टेबलेट आदि से नियमित जल शुध्दिकरण की कार्रवाई करें। जिला और विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्षों की स्थापना कर इन्हें चौबीसों घंटे चालू रखा जाए।
इन नियंत्रण कक्षों के दूरभाष नम्बरों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कहीं मौसमी बीमारी का प्रकोप होता है, तो उसकी तुरंत सूचना मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, मंजरे-पारों में डिपो होल्डरों के पास पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे, यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि सभी डिपो होल्डरों के पास क्लोरीन की गोली, ब्लिचिंग पाउडर, ओ.आर.एस. के पैकेट आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि प्रत्येक चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रों में भी उल्टी-दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण की पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध होनी चाहिए।
इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में सभी नगरीय निकायों के साथ बैठक कर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करें और नगरीय निकायों को पेयजल आपूर्ति की पाईप लाईनों की मरम्मत कराने के लिए कहा जाए, ताकि लीकेज पाईप लाईनों से गंदे पानी की आपूर्ति ना हो।
उल्टी-दस्त से बचाव और स्वच्छता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों से बचाव और राहत कार्यों के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए हैं।
36गढ़ डाट इन
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