Mon, 28 Jun 2010 21:28:00 +0000 एक गांव जहां दस साल से शराब पर प्रतिबंध
शराब की सामाजिक बुराई के खिलाफ छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम मोहगांव ने देश और दुनिया के सामने एक अनोखा उदाहरण पेश किया है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,28 जून(36गढ़ डाट इन) शराब की सामाजिक बुराई के खिलाफ छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम मोहगांव ने देश और दुनिया के सामने एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। नशा बंदी की दृष्टि से मोहगांव छत्तीसगढ़ का एक आदर्श गांव साबित हो रहा है।
लगभग दस साल पहले वहां शराब के कारण अक्सर होने वाले लड़ाई-झगड़ों से तंग आकर गांव के लोग स्व-प्रेरणा से संगठित हुए और पूरे गांव में नशा बंदी लागू करने का निर्णय लिया।
उनका यह फैसला आज दस साल बाद भी पूरी कामयाबी के साथ कायम है। अब वहां सामाजिक सद्भावना के साथ सुख-शांति का वातावरण है।लगभग आठ सौ की आबादी वाला मोहगांव विकासखंड बम्हनीडीह के अन्तर्गत ग्राम पंचायत झर्रा का आश्रित गांव है। ग्राम पंचायत झर्रा के सरपंच श्री चन्द्रमणि सूर्यवंशी भी मोहगांव के ही निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि इस गांव में शराब के अलावा बीड़ी-सिगरेट, तम्बाखू, गुटका जैसे नशीले पदार्थों पर भी ग्रामीणों ने स्वयं होकर पाबंदी लगा रखी है।
कुछ वर्ष पहले तक गांव में किसी भी प्रकार की नशा खोरी करके आने वाले व्यक्तियों पर सामाजिक जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं पड़ती। गांव के लोग स्वयं नशे से दूर रहते हैं और दूसरों को भी इसकी नसीहत देते हैं।
वे अपने जवान होते बच्चों को भी नशे की बुराईयों और उसके दुष्परिणामों की जानकारी देकर इससे बचे रहने की सलाह देते हैं। नई पीढ़ी भी अपने बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर गंभीरता से अमल कर रही है।
सरपंच श्री सूर्यवंशी ने यह भी बताया कि मोहगांव के लोगों से प्रेरण् लेकर ग्राम पंचायत झिर्रा के अन्य आश्रित गांवों के लोग भी शराब बंदी और नशाबंदी के लिए संगठित हो रहे हैं।
बहुत जल्द सम्पूर्ण ग्राम पंचायत को नशामुक्त ग्राम पंचायत के रूप में एक नई पहचान मिलगी।
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