Tue, 29 Jun 2010 23:14:00 +0000 मानसून आगमन के साथ खरीफ फसलों की बोनी शुरू
छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही किसानों ने खेतों में धान, मक्का, अरहर, उड़द, सोयाबीन जैसी खरीफ की खेती फसलों की खुर्रा बोनी शुरू कर दी है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,29 जून(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही किसानों ने खेतों में धान, मक्का, अरहर, उड़द, सोयाबीन जैसी खरीफ की खेती फसलों की खुर्रा बोनी शुरू कर दी है।
राज्य शासन ने इस वर्ष 48 लाख 15 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ की फसलों की बोआई कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में अब तक लगभग तीन प्रतिशत रकबे में खरीफ फसलों की खुर्रा बोनी भी किसानों ने पूरी कर ली है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा चालू खरीफ मौसम में किसानों को वितरित करने के लिए खाद, बीज और दवाओं का भी पर्याप्त मात्रा में जिला स्तरीय डबल लॉकों और ग्राम स्तरीय प्राथमिक सहकारी समितियों में भण्डारण कर लिया गया है।
विभागीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने प्रदेश के वर्तमान मौसम में की फसलों के खुर्रा बोनी के लिए उपयुक्त बताते हुए किसानों को खेतों में नमी का स्तर जांच कर बोनी करने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य में से अब तक बस्तर संभाग में 10 प्रतिशत, सरगुजा संभाग में छह प्रतिशत, बिलासपुर संभाग में चार प्रतिशत एवं रायपुर संभाग में दो प्रतिशत बोनी पूरी होने का अनुमान व्यक्त किया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में प्रदेश में 37 लाख 87 हजार हेक्टेयर रकबे में अनाज, पांच लाख पांच हजार हेक्टेयर रकबे में दलहनी और तीन लाख 60 हजार हेक्टेयर रकबे में तिलहनी फसलों की खेती की जाएगी।
राज्य शासन ने पिछले खरीफ की तुलना में इस वर्ष अनाज फसलों के क्षेत्र में 35 हजार हेक्टेयर, दलहनी फसलों के रकबे में 90 हजार हेक्टेयर और तिलहनी फसलों के रकबे में 34 हजार हेक्टेयर वृध्दि करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस वर्ष प्रदेश में बोता पध्दति से धान की फसल 26 लाख 71 हजार हेक्टेयर में और रोपा पध्दति से आठ लाख 62 हजार हेक्टेयर में लगाई जाएगी।
ज्वार की खेती दो हजार हेक्टेयर रकबे में जबकि मक्का की खेती लगभग दो लाख हेक्टेयर रकबे में होगी। प्रदेश में कोदो-कुटकी जैसे लघु धान्यों की खेती हजार हेक्टेयर में की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष चालू खरीफ मौसम में ली जाने वाली दलहनी फसलों में अरहर एक लाख 75 हजार हेक्टेयर में, मूंग 42 हजार हेक्टेयर में, उड़द दो लाख 22 हजार हेक्टेयर में और कुलथी 66 हजार हेक्टेयर रकबे में लगेगी।
तिलहनी फसलों में राज्य में मूंगफली 67 हजार हेक्टेयर रकबे में, तिल 57 हजार हेक्टेयर रकबे में, सोयाबीन एक लाख 35 हजार हेक्टेयर रकबे में, रामतिल लगभग एक लाख हेक्टेयर रकबे में तथा सूरजमुखी दो हजार हेक्टेयर रकबे में बोई जाएगी।
चालू खरीफ मौसम में रेशेदार एवं अन्य फसलों की बोनी के लिए राज्य शासन एक लाख 63 हजार हेक्टेयर रकबा निर्धारित किया गया है।
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