Fri, 02 Jul 2010 23:21:00 +0000 राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में राज्य को प्रथम पुरस्कार
गरीबों के लिए संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पहला स्थान मिला है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,2 जुलाई(36गढ़ डाट इन) गरीबों के लिए संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पहला स्थान मिला है।
केन्द्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा आज चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रथम दिवस के कार्यक्रम में इस बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नोड्ल एजेंसी को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री विकास शील ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया। केन्द्रीय श्रम तथा रोजगार मंत्री श्री मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में और केन्द्रीय श्रम तथा रोजगार मामलों के राज्य मंत्री श्री हरीश रावत पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांत चावला, हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिनाले तथा उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवंत सिंह बोडियाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना देश के 26 राज्यों में लागू है। इस पर अमल करने में इन राज्यों के बीच छत्तीसगढ़ दस लाख 70 हजार स्मार्ट कार्डों के साथ सबसे आगे हो गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए राज्य के सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आम जनता को भी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम जनता के सहयोग से ही राज्य को यह उपलब्धि मिली है। उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास और विस्तार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में विगत लगभग एक वर्ष में दस लाख 70 हजार गरीब परिवारों के लिए स्मार्ट कार्ड बनवाए जा चुके हैं।
इनमें से प्रत्येक परिवार को स्मार्ट कार्ड के आधार पर एक वर्ष में तीस हजार रूपए तक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी। इसके आधार पर प्रत्येक परिवार के मुखिया और चार सदस्य इस योजना में पंजीकृत किसी भी अस्पताल में साल भर में अधिकतम तीस हजार रूपए का इलाज करवा सकेंगे।
यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों के लिए लागू की गयी है। छत्तीसगढ़ में इसके लिए 309 अस्पतालों का पंजीयन करते हुए अब तक साढ़े आठ हजार परिवारों के इलाज पर चार करोड़ 50 लाख रूपए की धनराशि खर्च की जा चुकी है।
केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना पर अमल करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रदर्शन को सर्वश्रेष्ठ मानकर प्रथम पुरस्कार के लिए राज्य का चयन किया है।
पुरस्कार वितरण के अवसर पर केन्द्रीय रोजगार और श्रम मंत्रालय के श्री प्रभात चतुर्वेदी और मंत्रालय के श्रम महानिदेशक श्री अनिल स्वरूप भी उपस्थित थे।
यह भी उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा श्रेणी के लगभग 24 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवच के दायरे में लाने का लक्ष्य है, ताकि किसी भी बीमारी की स्थिति में उन्हें इलाज कराने के लिए आर्थिक दृष्टि से असुविधा न होने पाए।
यह योजना छत्तीसगढ़ सहित देश के 26 राज्यों में लागू है। इस योजना की बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें बड़े पैमाने पर सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है, इसके माध्यम से सभी हितग्राही परिवारों को फोटोयुक्त बायोमेट्रिक स्मार्ट कार्ड दिए जा रहे हैं।
इतना ही नही बल्कि किसी भी जिले में पंजीकृत हितग्राही देश के किसी भी में इस योजना में शामिल अस्पतालों में जाकर इलाज करवा सकता है।
संबंधित हितग्राही परिवारों को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और छत्तीसगढ़ सहित देश भर में इस योजना के लिए पंजीकृत निजी अस्पतालों में इस योजना का लाभ मिल सकता है।
बीमा कंपनी द्वारा इस योजना के तहत हितग्राही परिवारों को स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए शिविर लगाए जाते हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैनात कार्यकर्ता हितग्राहियों का सत्यापन किया जाता है।
योजना के लिए अस्पतालों का चयन बीमा कंपनी द्वारा जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के साथ समन्वय से किया जाता है। स्मार्ट कार्ड का शुल्क तीस रूपए निर्धारित किया गया है।
इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को इस योजना में प्रत्येक उपचार पर एक सौ रूपए और वार्षिक एक हजार रूपए का परिवहन व्यय देने का भी प्रावधान किया गया है।
36गढ़ डाट इन
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