नागरिक सेवा (रायपुर) मुखपृष्ठ|About | Contact | हिंदी मैं लिखिये  | Preview Chanel

 
Feb 2012
SuMoTuWeThFrSa
      1 2 3 4
5 6 7 8 9 10 11
12 13 14 15 16 17 18
19 20 21 22 23 24 25
26 27 28 29      
 
   
 


 
   
Preview Chanel
ताजा खबरें
Last Updated: Thu, 09 Feb 2012 04:04:05 +0530

Sat, 03 Jul 2010 17:41:00 +0000

जैव प्रौद्योगिकी में पूंजी निवेश की संभावनाएं: रमन



मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों में पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,3 जुलाई(36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों में पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने आज सवेरे यहां जैव प्रौद्योगिकी निवेशक सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। यह एक दिवसीय सम्मेलन राज्य सरकार के सूचना प्रौद्यागिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग और छत्तीसगढ़ इंफोटेक एवं बायोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास में सीमेन्ट, इस्पात और बिजली परियोजनाओं का निश्चित रूप से काफी महत्व है, लेकिन इनके अलावा जैव प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे नवीन उद्योगों की भी राज्य के विकास में अहम भूमिका हो सकती है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और वनोपज प्रसंस्करण जैसे उद्योगों में जैव प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग कर उत्पादकता में काफी वृध्दि की जा सकती है। इससे छत्तीसगढ़ की तकदीर और तस्वीर बदल सकती है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी के जरिए फसलों, पेड़-पौधों तथा मानव और पशुओं को भी विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए औषधियों की और टीकों की खोज की जा सकती है।

फैल्सीपेरम मलेरिया और सिकलसेल जैसी बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए भी जैव प्रौद्योगिकी में अनुसंधान की काफी गुंजाइश है।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में निवेशकों से छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए आगे आने का आव्हान किया। सम्मेलन के शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू और नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री श्री राजेश मूणत विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

प्रदेश सरकार के जैव प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सहित सभी विशेष अतिथियों का स्वागत किया और सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा है।
राज्य निर्माण के मात्र दस वर्ष में ही यहां कृषि के क्षेत्र में 4.92 प्रतिशत, उद्योग के क्षेत्र में 15.09 प्रतिशत और अन्य क्षेत्र में 13.08 प्रतिशत वार्षिक विकास दर हासिल की जा चुकी है।

प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 10,900 रूपए से बढ़कर 38 हजार रूपए हो गयी है। प्रति व्यक्ति विद्युत खपत जो विकास का प्रमुख मापदण्ड है ये राज्य की स्थिति राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

डॉ. सिंह ने प्रदेश में उपलब्ध कोयला, लौह अयस्क और अन्य बहुमूल्य खनिजों तथा प्राकृतिक संसाधनों का भी उल्लेख किया। यह देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जो बिजली कटौती की समस्या से मुक्त हो चुका है।

अगले पांच वर्ष में छत्तीसगढ़ में पन्द्रह से बीस हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास की जानकारी देते हुए बताया कि

एक ही दिन में यहां सरगुजा में 700 करोड़ रूपए तथा बस्तर में 800 करोड़ रूपए के सड़क निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने जैव प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल राज्य में कृषि और वनोपजों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी करने की जरूरत बतायी।

उन्होंने कहा कि राज्य के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध आंवला, तेंदूपत्ता, रेशम, चार-चिरौंजी, बांस, मोहलाईन पत्ता और लाख जैसे वनोपजों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए जैव प्रौद्योगिकी के जरिए टिश्यू कल्चर का भी उपयोग किया जा सकता है।

साल के वृक्ष प्राकृतिक रूप से तैयार होते हैं लेकिन इनके प्लानटेशन के लिए टश्यू कल्चर से पौधे तैयार किए जा सकते है। सम्मेलन में प्रदेश सरकार के सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री पी. रमेष कुमार, छत्तीसगढ़ वनौषधि बोर्ड, राज्य लघु वनोपज विकास एवं व्यापार सहकारी संघ, राज्य बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण और अन्य अनेक संस्थाओं के अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमी मौजूद थे।


36गढ़ डाट इन







 

अन्य खबरें
»  पुलिया बनने से स्कूली बच्चों की राह हुई आसान
»  संजीवनी एक्सप्रेस ने बचायी हजारों लोगों की जिंदगी
»  महाराष्ट्र में जैविक खेती का अध्ययन कर रहे हैं...
»  दीपावली पूर्व मजदूरी भुगतान सुनिष्चित करने के...
»  आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए आपदा का पूर्व आकलन ...
»  यौन कर्मियों के पुनर्वास के लिए हेल्प लाईन, ऑन...
»  नक्सल हमले में शहीद जवानों के प्रति राज्यपाल ने...
»  जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर 11 अक्टूबर को ...
»  नक्सल बारूदी विस्फोट: मुख्यमंत्री ने की तीव्र...
»  बच्चों के विकास मे आईसीडीएस का महत्वपूर्ण...
»  मुख्यमंत्री ने गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती...
»  नक्सल प्रभावित जिलों में महिला साक्षरता को बढ़ाने...

ALSO IN THE NEWS


छतीशगढ सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिये ?
बीदेशी पूंजी आकर्षित करना
कृषि
बेकारी समस्या दूर करना
राज्य के पर्यटन खेत्रों के बीकास
ब्यापक रूप से सड़क निर्माण

 

An odisha.com initiative copyright 2007-2008 36garh.in  email: 36garh@gmail.com