Tue, 06 Jul 2010 17:08:00 +0000 नक्सल पीड़ित किसानों के लिए निःशुल्क खाद-बीज की व्यवस्था
छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में राहत शिविरों में रह रहे ग्रामीणों को आत्म निर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक लाभ पहंुचाने की दृष्टि से राज्य शासन द्वारा खेती के लिए मुफ्त में खाद-बीज उपलब्ध कराया जायेगा।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,6 जुलाई(36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में राहत शिविरों में रह रहे ग्रामीणों को आत्म निर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक लाभ पहंचाने की दृष्टि से राज्य शासन द्वारा खेती के लिए मुफ्त में खाद-बीज उपलब्ध कराया जायेगा।
शासन द्वारा शिविरों में रहने वाले किसानों की कृषि भूमि पर निःशुल्क जोताई की सुविधा भी मुहैया करायी जायेगी। चालू खरीफ मौसम में दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के नौ राहत शिविरों में रह रहे किसानों को एक हजार आठ सौ क्विंटल से अधिक बीज निःशुल्क वितरित किया जायेगा।
साथ ही लगभग एक हजार पांच सौ एकड़ रकबे में हेक्टेयरों द्वारा निःशुल्क जोताई भी की जायेगी। इसके साथ-साथ इन किसानों को कृषि कार्यो के अलावा अन्य व्यवसायों और हस्त कला में निपूर्ण बनाने की भी विशेष प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के राहत शिविरों में रह रहे नक्सली गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों को खेती के साथ-साथ अपनी पसंद के अनुसार व्यवसाय करने के लिये सहायता समूह अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं।
खेती किसानी के लिए इन शिविरों में निवासरत किसानों को सभी संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। चालू खरीफ मौसम मे दंतेवाड़ा जिले में स्थित कासोली राहत शिविर में किसानों को 60 क्विंटल धान बीज और लगभग दस क्विंटल मक्का बीज का निःशुल्क वितरण खेती करने के लिए किया जाएगा।
बांगापाल राहत शिविर में रहने वाले किसानों को लगभग 35 क्विंटल धान बीज और चार क्विंटल बीस किलो मक्का बीज वितरित किया जाएगा।
कोन्टा विकासखंड के तहत दोरनापाल राहत शिविर में निवासरत किसानों को लगभग 617 क्विंटल धान बीज और दस क्विंटल मक्का बीज, एर्राबोर राहत शिविर रहने वाले किसानों को लगभग 200 क्विंटल धान बीज और आठ क्विंटल 40 किलो मक्का बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
पोलेमपल्ली के राहत शिविर में खेती के लिए किसानो को 180 क्वटल धान बीज और छह क्विंटल मक्का बीज, जगरगुण्डा राहत शिविर में एक सौ
क्विंटल धान बीज और आठ क्विंटल 40 किलो मक्का बीज तथा मरईगुड़ा राहत शिविर में 71 क्ंिवटल 40 किलो धान बीज और छह क्विंटल मक्का बीज का वितरण निःशुल्क किया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा इन राहत शिविरों में रहने वाले किसानों की लगभग डेढ़ हजार एकड़ भूमि पर कृषि विभाग के माध्यम से ट्रेक्टरों से निःशुल्क जोताई भी करायी जा रही है।
कासौली राहत शिविर में 115 एकड़ में, बांगापाल राहत शिविर में 30 एकड़ में, दोरनापाल राहत शिविर में 85 एकड़ में, एर्राबोर राहत शिविर में 135 एकड़ में, इंजरम राहत शिविर में 280 एकड़ में, कोंटा राहत शिविर में 600 एकड़ में, पोलमपल्ली राहत शिविर में 80 एकड़ में, जगरगुण्डा राहत शिविर में एक सौ एकड़ में और मरईगुड़ा राहत शिविर में 32 एकड़ रकबे में निःशुल्क जोताई की सुविधा किसानों को मुहैया करायी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविरों में रहने वाले किसानों के खेती की निःशुल्क जोताई के लिए टेªक्टरों सहित हाईड्रोलिक ट्राली, लेबलर, केजव्हील, कल्टीवेटर भी उपलब्ध करा दिये गये हैं।
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