Thu, 08 Jul 2010 23:12:00 +0000 26 जुलाई को रेड रिबिन एक्सप्रेस
संक्रामक बीमारी एड्स के प्रति आम जनता में और भी अधिक जागरूकता लाने के लिए रेड रिबिन एक्सप्रेस 26 जुलाई को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा रेल्वे स्टेशन में प्रवेश करेगी।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,8 जुलाई(36गढ़ डाट इन) संक्रामक बीमारी एड्स के प्रति आम जनता में और भी अधिक जागरूकता लाने के लिए रेड रिबिन एक्सप्रेस 26 जुलाई को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा रेल्वे स्टेशन में प्रवेश करेगी।
यह एक्सप्रेस 29 जुलाई को रायपुर, 31 जुलाई को दुर्ग और 3 अगस्त को राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन पहुंचेगी।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन नई दिल्ली के सलाहकार श्री दमन आहूजा ने दो से सात जुलाई तक जांजगीर-चांपा, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन का अवलोकन कर तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने तैयारियों के संबंध में रेल्वे जोन बिलासपुर के प्रबंधक से भी चर्चा की। श्री आहूजा ने अधिकारियों से कहा कि रेल्वे स्टेशनों पर ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे आम नागरिक रेड रिबिन एक्सप्रेस में लगी प्रदर्शनी का सुविधाजनक ढंग से अवलोकन कर सकें।
रेड रेबिन एक्सप्रेस आने के पहले ही संबंधित जिलों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों ने श्री आहूजा को बताया कि रेड रिबिन एक्सप्रेस की स्वागत और प्रचार-प्रसार की तैयारियों के लिए संबंधित चारों जिलों के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को पन्द्रह लाख रूपए की राशि जारी कर दी गई है और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के गाइडलाईन के अनुसार प्रचार-रथों को तैयार किया जा रहा है।
श्री आहूजा ने कहा कि जिस प्लेटफार्म में रेड रिबिन एक्सप्रेस को रूकना है, वहां साफ-सफाई, टंट और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाए। जिस प्लेटफार्म में ट्रेन रूकती है, वहां स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों से रेड रिबिन एक्सप्रेस प्रदर्शनी और प्रचार रथ का शुभारंभ कराया जाए।
प्रचार रथ संबंधित जिलों के गांवों में एक महीने तक जाएगी। प्रचार रथ में कला पथक दल को रखा जाए, कला पथक दल गांवोें में नृत्य, गीत, और
नाटक के माध्यम से एड्स के प्रति जनजागरण चलाएंगे। इसमें जोखिम वाले क्षेत्रों अथवा गांवों को पहले प्राथमिकता दी जाए। यह भी कोशिश की जाए कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में नागरिक रेड रिबिन एक्सप्रेस प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकें।
ज्ञातव्य है कि विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एक दिसम्बर 2009 को रेड रिबिन एक्सप्रेस नई दिल्ली से रवाना हुई थी। यह ट्रेन 22 राज्यों के 152 रेल्वे स्टेशनों पर रूककर एक दिसम्बर 2010 को अपना सफर पूरा करेगी।
इस ट्रेन में एच.आई.वी., एड्स से संबंधित सभी पक्षों को सरल और रूचिकर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ट्रेन के सभी कोच वातानुकूलित है और इसमें एड्स की जानकारी के अलावा क्षय रोग,एच.1, एन.-1, मलेरिया, प्रजनन, स्वास्थ्य और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। ट्रेन में एच.आई.वी. परीक्षण, एस.टी.आई. उपचार और सामान्य स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं भी मुहैय्या कराई गई है।
जो व्यक्ति रेलगाड़ी देखने नहीं आ पाएंगे, उनके लिए मोबाईल वेन की व्यवस्था की गई है। ये वेन संबंधित जिलों के गांवों में जाकर लोगों को एच.आई.वी. एड्स के बारे में जानकारी देंगे।
36गढ़ डाट इन
|