Sat, 24 Jul 2010 02:27:00 +0000 पहली बार बढ़ा मजदूरों का वेतन
छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद पहली बार राज्य सरकार ने प्रदेश के मेहनतकश मजदूरों का उनकी मेहतन का सही दाम दिलाने के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ा कर 145 रूपए प्रतिदिन कर दिया है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर 23 जुलाई (36गढ़ डाट इन) छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद पहली बार राज्य सरकार ने प्रदेश के मेहनतकश मजदूरों का उनकी मेहतन का सही दाम दिलाने के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ा कर 145 रूपए प्रतिदिन कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में अकुशल, अर्ध्दकुशल और कुशल श्रमिकों का मूल वेतन बढ़ा कर नयी दरें लागू करने संबंधी अधिसूचना यहां मंत्रालय से श्रम विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। अब अकुशल मजदूरों को न्यूनतम 145 रूपए, अर्ध्दकुशल मजदूरों को 152 रूपए और कुशल मजदूरों को 162 रूपए प्रतिदिन वेतन मिलेगा।
अधिसूचना के द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत उल्लेखित 33
नियोजनों में कार्यरत मजदूरों की मजदूरी का पुनरीक्षण कर वेतन निर्धारण किया गया है। यह दरें न्यूनतम वेतन की अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से लागू होंगी।
श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में पहली बार मजदूरों का मूल वेतन बढ़ाने के लिए न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की अनुशंसाओं पर सकारात्मक विचार कर नयी वेतन दरें लागू की गयी है।
श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण पर नयी दरें लागू करने के लिए अधिसूचना 22 जुलाई 2010 को जारी कर दी गई है। श्रम मंत्री ने बताया कि पुनरीक्षित वेतन में अकुशल मजदूरों का मूल वेतन 39 रूपए प्रतिदिन से 93 रूपए बढ़ाकर 132 रूपए प्रतिदिन किया गया है।
इसी प्रकार अर्धकुशल श्रमिकों का मूल वेतन 43 रूपए प्रतिदिन से 96 रूपए बढ़ाकर 139 रूपए और कुशल श्रमिकों का मूल वेतन 47 रूपए प्रतिदिन से 102 रूपए बढ़ाकर 149 रूपए प्रतिदिन कर दिया गया है।
श्री साहू ने बताया कि नयी दरों के लागू हो जाने से अब अकुशल श्रमिकों को प्रतिमाह तीन हजार 432 रूपए के मूल वेतन सहित 338 रूपए
परिवर्तनशील भत्ता मिलाकर तीन हजार 770 रूपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। अर्ध्दकुशल श्रमिकों का न्यूनतम मूलवेतन तीन हजार 614 रूपए पर 338 रूपए परिवर्तनशील भत्ता मिलाकर तीन हजार 952 रूपए और कुशल श्रमिकों को न्यूनतम मूलवेतन तीन हजार 874 रूपए पर 338 रूपए परिवर्तनशील भुगतान मिलाकर चार हजार 212 रूपए प्रतिमाह वेतन प्राप्त होगा।
श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण के विषय में बताया कि राज्य शासन द्वारा न्यूनतम वेतन सलाहकार मंडल
की अनुशंसा के अनुसार मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण के लिए अप्रैल महीने की 21 तारीख को अधिसूचना जारी गयी थी। इस अधिसूचना के माध्यम से वेतन पुनरीक्षण से प्रभावित होने वाले नियोजकों, संस्थानों और व्यक्तियों से दावा-आपत्तियां और अभ्यावेदन द्वारा महीने की अवधि में आमंत्रित किये गये थे।
राज्य शासन द्वारा न्यूनतम वेतन सलाहकार मंडल से विचार-विमर्श कर इस अवधि में प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर मजदूरों के लिए पुनरीक्षित वेतन निर्धारित किया गया है।
36गढ़ डाट इन
|