Tue, 03 Aug 2010 23:19:00 +0000 अब प्राथमिक शालाओं में भी होगी संस्कृत भाषा की पढ़ाई
संस्कृत भाषा की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में अब प्राथमिक कक्षाओं में भी होगी।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,3 अगस्त(36गढ़ डाट इन) संस्कृत भाषा की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में अब प्राथमिक कक्षाओं में भी होगी।
यह देश का पहला राज्य होगा, जहां प्राथमिक शालाओं में कक्षा से पहली से पांचवी तक भी प्राच्य संस्कृत भाषा की शिक्षा दी जाएगी राज्य में अब तक प्राच्य संस्कृत की पढ़ाई प्रथमा, अर्थात कक्षा छठवीं से हो रही है ।
लेकिन अब विद्यार्थियों को प्रवेशिका प्रथमा याने कि कक्षा पहली से ही संस्कृत पढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके लिए पाठयक्रम और पुस्तक निर्धारण के उद्देश्य से यहां राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है कि राज्य की प्राथमिक शालाओं में पहली से पांचवी तक प्राच्य संस्कृत भाषा की पढ़ाई कराने का निर्णय शालेय शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम की बैठक में लिया जा चुका है। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम के सचिव डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं में संस्कृत भाषा की पढ़ाई से बच्चों को देश और दुनिया की इस सबसे पुरानी भाषा का विधिवत ज्ञान मिलेगा और वे भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों तथा परम्पराओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम द्वारा संस्कृत भाषा को लोकप्रिय बनाने और उसे शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने के लिए भी कई उपाय किए जा हैं।
इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा कक्षा पहली से पांचवी तक प्रवेशिकाओं का नामकरण भी किया गया। कार्यशाला के दूसरे और तीसरे दिन के विभिन्न सत्रों में विषय-वस्तु के चयन और लेखन पर कार्य निर्धारण हुआ।
व्याख्याता श्री बी.आर.साहू को प्रवेशिका प्रथमा, डॉ. कल्पना द्विवेदी को प्रवेशिका द्वितीया, श्री धनंजय शास्त्री को प्रवेशिका तृतीया, श्री दादूभाई त्रिपाठी को प्रवेशिका चतुर्थी और श्री कृष्णवल्लभ शर्मा को प्रवेशिका पंचमी की तैयारी के लिए कार्य सौंपा गया।
कार्यशाला का संयोजन सहायक प्राध्यापक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री बी.पी.तिवारी ने किया।
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