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Last Updated: Sun, 05 Feb 2012 08:54:07 +0530

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Fri, 03 Sep 2010 20:51:00 +0000

अब एक ही गणवेश में दिखेंगे आंगनबाड़ियों में आने वाले बच्चे



महिला बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बस्तर जिले के माकड़ी विकासखंड मुख्यालय में आयोजित गणवेश वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को अब नयी पहचान मिलनी शुरू हो गयी है।
36गढ़ डाट इन
रायपुर,3 सितम्बर(36गढ़ डाट इन) महिला बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बस्तर जिले के माकड़ी विकासखंड मुख्यालय में आयोजित गणवेश वितरण कार्यक्रम को  सम्बोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को अब नयी पहचान मिलनी शुरू हो गयी है।

क्योंकि जनसहयोग और सामाजिक भागीदारी से बस्तर सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों के आंगनबाड़ियों में आने वाले 3 से 6 वर्ष की आयु समूह के बच्चों को गणवेश देने का अहम फैसला लिया गया।

इस फैसले का प्रथम क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर जिले से किया गया है। समूचे छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वप्रथम बस्तर जिले से ही आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को गणवेश देने का काम शुरू किया गया है।

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि राज्य सरकार जनसहयोग से आंगनबाड़ियों को और भी अधिक बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

इसी कड़ी में बस्तर जिले के सभी ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों के तमाम आंगनबाड़ियों में आने वाले निर्धारित आयु समूह के 10 से 12 हजार बच्चों को यह गणवेश देने की शुरूआत की गयी है।

जिसका शुभारंभ माकड़ी से हुआ है। इसके लिए उन्होंने माकड़ी के नागरिकों को बधायी दी। सुश्री उसेंडी ने कहा कि आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को गणवेश उपलब्ध हो जाने से न केवल आंगनबाड़ियों को बल्कि आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को एक नयी और विशिष्ट पहचान मिली है।

उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इससे आंगनबाड़ियों में बच्चों को अनुशासन सीखने को मिलेगा और आंगनबाड़ियों में भी  अनुशासन कायम रहेगा।

सुश्री उसेंडी ने कहा कि बस्तर जिले के 10 से 12 हजार बच्चों को सितम्बर माह में गणवेश वितरण्ा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अपेक्षित जनसहयोग और सामाजिक जनसहभागिता भी जिले में सुनिश्चित करायी गयी है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने बस्तर जिले में महिला और बाल विकास विभाग के द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विगत 31 अगस्त को राजधानी रायपुर में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में  जिला प्रशासन की सराहना की थी।

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