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Last Updated: Thu, 09 Feb 2012 05:32:41 +0530

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Thu, 03 Dec 2009 13:32:00 +0000

छत्तीसगढ़ में बनाया गया मगरमच्छ का पार्क



यह अनूठा प्रयास ग्रामीणों के द्वारा राज्य के कंजर्वेटर के सहयोग से किया गया है।
अमित कुमार

रायपुर, 3 दिसम्बर (36गढ डाट इन)- मगरमच्छ का पार्क विकसित किया गया है छत्तीसगढ़ में। जांजगीर जिले के चम्पा गांव में एक प्राकृतिक झील में लगभग एक सौ पचास मगरमच्छों को पुनर्वासित किया गया है।

यह अनूठा प्रयास ग्रामीणों के द्वारा राज्य के कंजर्वेटर के सहयोग से किया गया है। गांव के लोगों को मगरमच्छ के हिंसक हमले से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
 
विदित हो कि चम्पा और आसपास के गांव में चार लोगों की मौत मगरमच्छ के हमलों में हो चुकी है। कुछ लोग मगरमच्छ की चपेट में आकर अपने हाथ-पांव गंवा चुके हैं।

जलीय जीव के विशेषज्ञों का मानना है कि मगरमच्छ तब नरभक्षी बन जाते हैं जब उन्हे प्राकृतिक भोज्य पदार्थ की कमी होती है। ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ के प्राकृतिक आहार मछली का शिकार किये जाने से पीड़ित मगरमच्छ हिंसक हो गये। कोमतीनगर प्रक्षेत्र के डीएफओ देवाशीष मुखर्जी भी इसकी पुष्टि करते हैं।


गांव के लोगों का कहना है कि इस जानलेवा समस्या के निदान पाने के लिए उनलोगों ने पहले अपने स्तर पर प्रयास किया। फिर वन्य विभाग के अधिकारियों का भी सहयोग प्राप्त हुआ। आस-पड़ोस के गांव के तालाबों से मगरमच्छ को इकट्ठा कर यहां डाल दिया गया है। इनके आहार की भी उचित व्यवस्था की गयी है।

वन अधिकारियों का भी मानना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों को मगरमच्छ के हमले से सुरक्षित तो किया ही गया इसके अलावे मगरमच्छ को विलुप्तप्राय प्राणी हो जाने से बचाने की भी यह एक कोशिश है।

यह मगरमच्छ पार्क आकर्षक पर्यटन स्थल भी बन गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घुमने आते हैं। उल्लेख्य है कि छत्तीसगढ़ सरकार हाथियों का भी एक गांव बसाने की योजना पर काम कर रही है। ग्रामीणों को जंगली हाथियों के हमले से बचाने क लिए यह योजना बनायी जा रही है।

36गढ डाट इन

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