बस्तर के राष्ट्रीय उद्यान कांगेर और इंद्रावती में बाघों के लिए अनुकूल पर्यावास होने के पुख्ता प्रमाण मिले है।
रायपुर,12 फरवरी (36गढ़ डाट इन) बस्तर के राष्ट्रीय उद्यान कांगेर और इंद्रावती में बाघों के लिए अनुकूल पर्यावास होने के पुख्ता प्रमाण मिले है।
वन्य प्राणियों की 10 फरवरी 2010 से करीब सप्ताह भर तक चलने वाली गणना के दौरान मांसाहारी वन्यजीवों के मौजूदगी के निशान और स्थानों की पहचान की जाएगी।
भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की ताजा एक रपट में बताया गया है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 26 से 28 बाघ हो सकते हैं। इनमें बस्तर के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान इलाके में दस या इससे ज्यादा बाघों की मौजुदगी के प्रमाण मिले है।
वन संरक्षक वन्य प्राणी ने बताया कि गणना के दौरान पहचाने गए स्थानों में आगे चलकर ''सी.सी.(क्लोज सर्किट) कैमरे'' लगाए जाएंगे।
ताकि बाघों की मौजुदगी पता लगाया जा सके। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के अलावा बड़ी संख्या मेें तेंदुए, भालू, शाही, चीतल, जंगली कुत्ते, भेड़िए इस जंगल में पाए जाते हैं।
36गढ़ डाट इन