कृषि विशेषज्ञों ने वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को बंसत कालीन गन्ने की बुआई जल्द से जल्द करने की सलाह दी है। गन्ने की उन्नत किस्मों का चुनाव कर बोने से पहले उन्हें फफूंद नाशक दवाओं से उपचारित करने की सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को दी है।
रायपुर 20 फरवरी (36गढ़ डाट इन) - छत्तीसगढ़ में परिवर्तित हो रहे मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में लगी फसलों में कीटों के प्रकोप से सावधान रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों ने किसानों को अपने खेतों में लगी रबी मौसम विभिन्न फसलों सहित सब्जियों और फलोद्यानों में भी कीटों के आक्रमण की संभावना व्यक्त करते हुए उनकी सतत निगरानी करने का सुझाव दिया है।
कृषि विभाग द्वारा भी मैदानी स्तर के अधिकारियों को फसलों का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को बंसत कालीन गन्ने की बुआई जल्द से जल्द करने की सलाह दी है। गन्ने की उन्नत किस्मों का चुनाव कर बोने से पहले उन्हें फफूंद नाशक दवाओं से उपचारित करने की सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को दी है।
विशेषज्ञों ने अरहर की फसल में फली छेदक कीट के आक्रमण की आंशका जताते हुए उनकी रोकथाम के लिए क्लोरों पायरीफास दवा का छिड़काव करने का सुझाव किसानों को दिया है।
सेम की फसल में माहो कीट की रोकथाम के लिए ईमीडाक्लोर दवा और आम के पौधों को फूदका कीट के आक्रमण से बचाने के लिए मोनोक्रोटोफास या ईमीडाक्लोर दवा की छिड़काव करने की सलाह दी गयी है।
विशेषज्ञों ने आम में भभूतियां रोग होने पर कन्टॉप या सल्फेक्स दवा छिड़कने का सुझाव किसानों को दिया है।
विशेषज्ञों ने किसानों को गर्मी की कद्दू वर्गीय सब्जियों के बीज अभी से पॉलीथीन थैलियों में बोकर थरहा बनाने की सलाह दी है, ताकि अनुकूल मौसम मिलते ही अगले माह तक थरहों की रौपाई की जा सके।
उन्होंने किसानों को टमाटर और पत्तागोभी के पौधों की नर्सरी तैयार करने की भी सलाह किसानों को दी है।
36गढ़ डाट इन