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Last Updated: Thu, 23 Nov 2017 16:52:19 -0600

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Sun, 07 Nov 2010 20:17:00 +0000

जलाशयों को जोड़ने बनेगी 60 किलोमीटर नहर



प्रस्तावित नहर के निर्माण में लगभग 250 करोड़ रूपए की लागत संभावित है, जबकि इसके बन जाने पर दुर्ग जिले में तांदुला जलाशय के कमांड क्षेत्र में किसानों को लगभग 30 हजार हेक्टेयर के रकबे में खरीफ के दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी दिया जा सकेगा
36गढ़ डाट इन

रायपुर 07 नवम्बर (36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के दो प्रमुख सिंचाई जलाशयों गंगरेल स्थित रविशंकर जलाशय और दुर्ग जिले के तांदुला जलाशय को लगभग 60 किलोमीटर लम्बी नहर के जरिए आपस में जोड़ने की प्रस्तावित योजना के लिए सर्वेक्षण की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उनके निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने गंगरेल - तांदुला जलाशय लिंक परियोजना के लिए सर्वेक्षण शुरू करवा दिया है।

प्रस्तावित नहर के निर्माण में लगभग 250 करोड़ रूपए की लागत संभावित है, जबकि इसके बन जाने पर दुर्ग जिले में तांदुला जलाशय के कमांड क्षेत्र में किसानों को लगभग 30 हजार हेक्टेयर के रकबे में खरीफ के दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी दिया जा सकेगा।

 परियोजना के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में जल संसाधन विभाग के बजट में पन्द्रह करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।

    जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पिछले कुछ वर्षों से अनियमित और अपर्याप्त बारिश के कारण तांदुला सिंचाई जलाशय में पानी का भराव उसकी निर्धारित क्षमता के काफी कम हुआ था।

 वर्ष 2008-09 में इसमें केवल 29 प्रतिशत और पिछले वर्ष 2009-10 में केवल 36 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया था। कम जल भराव के कारण सिंचाई और नगर निगम क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) में पूर्ण जल भराव के बाद शेष रह गए अतिरिक्त पानी को महानदी में डालने के बजाए इसे नहर बनवा कर तांदुला जलाशय तक पहुंचाने की योजना बनाने के निर्देश दिए।

उनके निर्देशों के अनुरूप विभागीय इंजीनियरों ने प्रस्ताव तैयार किया। दोनों जलाशयों को जोड़ने के लिए 60 किलोमीटर लंबी नहर बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए तकनीकी सलाहकार के जरिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है।

 राज्य सरकार ने इस प्रस्तावित परियोजना के निर्माण के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 के बजट में पन्द्रह करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।

सर्वेक्षण के लिए चयनित तकनीकी सलाहकार एजेंसी (विप्कोज) द्वारा ही योजना की प्रशासकीय स्वीकृति का प्राक्कलन तैयार किया जाएगा।


राज्य सरकार ने केन्द्रीय जल आयोग सहित केन्द्रीय वन और पर्यावरण विभाग से स्वीकृति प्राप्त करने का दायित्व सलाहकार एजेंसी को सौंपा है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार गंगरेल-तांदुला लिंक परियोजना (तांदुला जलाशय आॅगमेंटेशन योजना) राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग की सबसे महत्वपूर्ण योजना है।

जल संसाधन मंत्री श्री हेमचंद यादव ने विभागीय अधिकारियों को परियोजना के लिए सर्वेक्षण जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए है। इसके लिए लिए सर्वेक्षण शुरू होने पर दुर्ग जिलों के किसानों में काफी प्रसन्नता देखी जा रही है।

36गढ़ डाट इन

 

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