कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी की अध्यक्षता मे आज राष्ट्रीय पुरातात्विक सेमिनार आयोजन के सभी इतंजाम सुनिश्चित करने जिला पुरातत्व संघ की बैठक हुई।
कवर्धा (छत्तीसगढ़), 6 फरवरी (36गढ़ डाट इन) मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के विशेष निर्देश पर प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल पचराही व भोरमदेव मे 21 से 23 फरवरी तक राष्ट्रीय पुरातात्विक सेमिनार आयोजित किया जायेगा।
कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी की अध्यक्षता मे आज राष्ट्रीय पुरातात्विक सेमिनार आयोजन के सभी इतंजाम सुनिश्चित करने जिला पुरातत्व संघ की बैठक हुई।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्तर के इस सेमिनार मे हिस्सा लेने वाले 150 पुरातत्वओं के लिये सेमिनार स्थल मे बैठक व्यवस्था, भोजन, आवास के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर परदेशी ने जिला पुरातत्व संघ के सदस्यों को अवगत कराया कि राष्ट्रीय पुरातात्विक सेमिनार के दौरान पचराही मे नये संग्रहालय की आधारशिला रखी जायेगी।
इस संग्रहालय मे पचराही मे उत्खनन से मिले मूर्तियों व पुरावशेषों को संरक्षित किया जायेगा।
उन्होने इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिले के पुरातात्विक व ऐतिहासिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने कवर्धा की पुरासंपदा पर एक किताब का प्रकाशन कराने जिला पुरातत्व संघ के सदस्यों को निर्देशित किया है।
किताब मे पुरातात्विक स्थल भोरमदेव, पचराही, राजबेंदा, हरमो, कामठी समेत समस्त स्थलों का सचित्र व नक्शा सहित जानकारी रहेगी। कलेक्टर ने किताब लेखन की जिम्मेदारी अतुल प्रधान व आदित्य श्रीवास्तव को दी है।
कलेक्टर ने कवर्धा क्षेत्र के इतिहास,पुरातात्विक धरोहर को पुरातत्व वेŸााओं व आम जनता के समक्ष प्रदर्शित करने भोरमदेव के इतिहास व मान्यताओं पर आधारित आडियो विजुअल फीचर व आॅडियो सीडी तैयार करने के निर्देश भी दिये ।
सेमिनार के दौरान विशेष तौर पर बैगाओं की संस्कृति व उपचार पद्धति को प्रदर्शित किया जायेगा। बैठक मे बताया गया कि सेमिनार मे राष्ट्रीय स्तर के पुरातत्ववेŸाा व इतिहासकार अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत करेंगे।
ष्पचराही मे पुरातात्विक अनुसंधान विषय परष् सेमिनार के दौरान विशेष सत्र रखा गया है। जिसमे देश के ख्यातिनाम पुरातत्व वेŸाा पचराही के संबंध में अपने नये अनुसंधान व विचार लोगों के सामने रखेंगे।
कलेक्टर परदेशी ने सेमिनार आयोजन से संबंधित तैयारी की कार्ययोजना पर अमल करने संयुक्त कलेक्टर निर्मल तिगगा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
जिला पुरातत्व संघ की बैठक मे अतुल प्रधान ने भोरमदेव संग्रहालय मे पाषाणयुगीन सूक्ष्म औजार उपलब्ध कराने पर सहमति जतायी। इस दौरान जिले के पुरातात्विक अवशेषों को संरक्षित करने के संबंध मे व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
पुरातत्ववेताओं को पुरातात्विक स्थल मड़वा महल, कामठी व ग्रामीण जनजीवन के रहन सहन का अध्ययन भ्रमण कराया जायेगा। सेमिनार के दौरान छत्तीसगढ की सांस्कृतिक झलक पेश की जायेगी, इसके अलावा स्थानीय लेखकों को भी सेमिनार में आमंत्रित किया जायेगा।
बैठक में जिले की पुरासंपदा को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने सरकारी वेबसाईट में पुरातत्व स्थल से संबंध नई जानकारी व उत्खन्न में मिले मूर्तियों के फोटोग्राफ डाला जायेगा।
बैठक के दौरान विदेशी राम धुर्वे,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नरेंद्र दुगगे, संयुक्त कलेक्टर ओंकार यदु, जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. काबरा ,आदित्य श्रीवास्तव, अतुल प्रधान, डी.आर.राणा,पंकज सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
36गढ़ डाट इन