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Last Updated: Thu, 09 Feb 2012 05:05:55 +0530

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Fri, 19 Feb 2010 19:14:00 +0000

राष्ट्र ध्वज के इतिहास में जुड़ा एक और अध्याय



सांसद नवीन जिन्दल ने लोकसभा व राज्य सभा के सत्र के दौरान सभी सांसदों को सभा में लैपल पिन के रूप में भारतीयता के सर्वश्रेष्ठ प्रतीक तिरंगा प्रदर्शित करने की तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी से अनुमति देने के लिए अपील की थी।
36गढ़ डाट इन

रायपुर, 19 फरवरी (36गढ़ डाट इन) - राट्रीय ध्वज को घर-घर तक पहुंचाने वाले सांसद नवीन जिन्दल के प्रयासों से तिरंगे के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है। अब संसद भवन में भी सभी सांसद तिरंगा लैपन पिन को अपने सीने पर लगाकर गौरांवित महसूस करेंगे।

18 फरवरी को संसद नियम समिति ने संसद के रूल प्रोसिजर एंड बिजनेस कंडक्ट के नियम 349 (एक्सआईवी) को परिवर्तित करके लोकसभा में सांसदों को तिरंगा लैपल पिन लगाने की अनुमति दी।

सांसद नवीन जिन्दल ने लोकसभा व राज्य सभा के सत्र के दौरान सभी सांसदों को सभा में लैपल पिन के रूप में भारतीयता के सर्वश्रेष्ठ प्रतीक तिरंगा प्रदर्शित करने की तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी से अनुमति देने के लिए अपील की थी।

श्री जिन्दल के निरंतर प्रयासों से आखिरकार पंद्रहवीं लोकसभा की अध्यक्षा श्रीमती मीरा कुमार ने नियम 349 में संशोघन करते हुए सांसदों को सत्र के दौरान लोकसभा में तिरंगा लैपल पिन लगाने की प्रदान की। गौरतलब है कि संसद भवन में सत्र के दौरान सांसदों को किसी भी प्रकार का बैज आदि लगाने की अनुमति नहीं थी।

गौरतलब है कि सांसद नवीन जिन्दल ने ही अपने अथक प्रयासों से ही राष्ट्रीय ध्वज को एक आम आदमी तक पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली और तिरंगा आम आदमी तक पहुंचाया।

इसके बाद उन्होंने विश्वव में सबसे उंचे भारतीय ध्वजदंड का निर्माण कुरुक्षेत्र, लाडवा, कैथल तथा हिसार में कराया। इसके अतिरिक्त उन्होंने सांसद में धूपान पर पाबंदी आदि महत्वपूर्ण सौगातों में अहम भूमिका निभाई।

36गढ़ डाट इन

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